गुजरात: दो विवादित वोट रद्द, क्या जीतेंगे अहमद पटेल?

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Image caption कांग्रेस नेता अहमद पटेल

गुजरात राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस की मांग मानते हुए चुनाव आयोग ने दो विधायकों के वोट रद्द कर दिए हैं. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अपनी ही पार्टी के उन दो विधायकों के वोट रद्द करने की अपील की थी जिन्होंने कथित तौर पर अपने बैलट पत्र अनाधिकारिक लोगों को दिखा दिए थे.

अब 174 वोटों की गिनती होगी. शाम 5 बजे ही गिनती शुरू होनी थी, लेकिन कांग्रेस की ओर से राघवजी पटेल और भोला गोहिल के वोट रद्द करने की मांग के बाद गिनती रोक दी गई थी.

कांग्रेस का आरोप था कि इन दोनों विधायकों ने वोट डालने के बाद अपने बैलट आधिकारिक पार्टी प्रतिनिधि के अलावा भाजपा प्रतिनिधि को भी दिखाए थे.

देर रात 11:40 पर कांग्रेस नेता अर्जुन मोडवाडिया ने दोनों वोट रद्द होने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि जब दोनों विधायकों ने वोट दिया तो कांग्रेस के चुनाव प्रतिनिधि शक्तिसिंह गोहिल ने उसी समय खड़े होकर आपत्ति दर्ज कराई थी.

उन्होंने कहा, ''उस समय अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की. दोनों वोट बैलट बॉक्स में डाल दिए गए. लेकिन तभी रिटर्निंग अफ़सर ने आश्वासन दिया था कि वीडियो देखकर फ़ैसला करेंगे.''

वीडियो सार्वजनिक किया जाए: भाजपा

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि अगर मतदान का वीडियो सार्वजनिक किया जाए तो सबको पता चल जाएगा कि यह ग़लत फ़ैसला है. उन्होंने वीडियो सार्वजनिक करने की मांग की और यह भी कहा कि वोटों के रद्द होने का नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और भाजपा तीनों सीटें जीतेगी.

उन्होंने कहा, ''वीडियो में हमारे चुनाव प्रतिनिधि दिख ही नहीं रहे हैं और दोनों विधायकों का वोट शक्तिसिंह गोहिल के अलावा किसी ने नहीं देखा है, बल्कि नियम का उल्लंघन शक्तिसिंह गोहिल ने किया, जब उन्होंने देखा कि राघवजी पटेल ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ वोट दिया है तो वो गुस्से में खड़े हो गए और मतपत्र छीनने की कोशिश की.''

वाघेला खेमे के माने जाते हैं दोनों विधायक

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Image caption शंकर सिंह वाघेला ने हाल ही में छोड़ी है कांग्रेस

नियमों के मुताबिक, वोट करने वाले विधायकों को अपने बैलट सिर्फ़ अपनी पार्टी के आधिकारिक प्रतिनिधि (चुनाव एजेंट) को दिखाने होते हैं.

दोनों विधायक शंकर सिंह वाघेला खेमे के माने जाते हैं जिन्होंने हाल ही में कांग्रेस छोड़ी है. वाघेला ने मंगलवार सुबह समाचार चैनलों से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने कांग्रेस को वोट नहीं दिया है क्योंकि अहमद पटेल चुनाव हार रहे हैं और वो अपना वोट ख़राब करना नहीं चाहते.

दोनों पार्टियों के बड़े नेता पहुंचे थे चुनाव आयोग

मंगलवार को मतदान के बाद पहले कांग्रेस शिकायत लेकर चुनाव आयोग गई और उसकी आपत्ति के ख़िलाफ वरिष्ठ भाजपा नेताओं का समूह भी आयोग पहुंच गया. दोनों पार्टियां दिन भर में तीन-तीन बार चुनाव आयोग पहुंचीं. कांग्रेस की तरफ़ से पी चिदंबरम, रणदीप सुरजेवाला और अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग में अपनी शिकायत दी.

भाजपा की तरफ़ से अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण समेत छह केंद्रीय मंत्रियों ने चुनाव आयोग पहुंचकर कांग्रेस की शिकायत को बेबुनियाद करार दिया.

अमित शाह और स्मृति ईरानी भी हैं उम्मीदवार

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गुजरात से राज्यसभा चुनावों की तीन सीटें हैं और चार उम्मीदवार खड़े हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की जीत की राह आसान मानी जा रही है, लेकिन तीसरी सीट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सलाहकार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. उनका मुक़ाबला हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए बलवंत सिंह राजपूत से है.

हाल ही में छह कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने से यह चुनाव कांटे का हो गया था. इन छह में से तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. इसके बाद कांग्रेस विधायकों को प्रभावित किए जाने से बचाने के लिए पार्टी ने उन्हें बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में भेज दिया था. मतदान से एक दिन पहले ही उन्हें एक साथ अहमदाबाद लाया गया.

पटेल को अब 44 वोटों की दरकार

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नितिन पटेल के मुताबिक, ''कुल 176 वोट डाले गए. सिर्फ़ गिनती बाकी है जिसके शुरू होने के बाद एक घंटे से ज़्यादा का वक़्त नहीं लगेगा. कांग्रेस सदस्य (अहमद पटेल) हार रहे हैं इसलिए उनकी पार्टी वोटों की गिनती में बाधा डाल रही है.'

अहमद पटेल को चुनाव जीतने के लिए अब 44 वोटों की दरकार है, लेकिन क्रॉस वोटिंग के आसार से उनकी जीत पर संदेह के बादल छाए हुए हैं.

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