मध्य प्रदेश पुलिस ने मेधा पाटकर को गिरफ़्तार किया

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Image caption मेधा पाटकर (फ़ाइल तस्वीर)

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया.

मेधा पाटकर को उस समय पुलिस ने हिरासत में लिया जब वो सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों से मिलने के लिए धार जा रही थीं.

पुलिस ने उनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि की है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मेधा पाटकर को इसलिए गिरफ़्तार किया गया क्योंकि वो विस्थापितों के बीच जाने के लिए अड़ी हुई थीं.

वहीं मेधा पाटकर से पुलिस ने एक बांड भरने के लिए कहा कि वो धारा 144 का उल्लंघन नही करेंगी, लेकिन उन्होंने उसे भरने से इंकार कर दिया जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

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गिरफ़्तारी के बाद मेधा पाटकर को धार ज़िले के सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

इससे पहले मेधा पाटकर की हालात में सुधार होने के बाद उन्हें इंदौर के बाम्बें हॉस्पिटल से छुट्टी कर दी गई.

मेधा पाटकर का आरोप

अस्पताल से निकलने के बाद मेधा पाटकर ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और कुछ लोगों को छोड़ कर उन्हें किसी से भी मिलने नहीं दिया गया.

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मेधा पाटकर ने कहा कि उनका अनिश्चितकालीन अनशन आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि अस्पताल में भी किसी ने कुछ नहीं खाया और अपना अनशन जारी रखा.

धार जिले के चिखल्दा गांव में उचित मुआवज़े और पुनर्वास की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठी मेधा पाटकर को पुलिस ने 7 अगस्त को ज़बरदस्ती उपवास स्थल से हटा कर अस्पताल में भर्ती करा दिया था.

चिखल्दा गांव में सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों की मांग को लेकर मेधा पाटकर और 11 अन्य लोग अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठै थे. उपवास के 12वें दिन पुलिस ने मेधा पाटकर साहित 6 लोगों को उपवास स्थल से ज़बरदस्ती हटा दिया.

सरदार सरोवर बांध क्षेत्र के डूब में 192 गांवों के 40 हज़ार परिवार प्रभावित हो रहे हैं. इनकी मांगों को लेकर ही मेधा पाटकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठी थी.

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