प्रेस रिव्यू- गोरखपुर के अस्पताल को ऑक्सीजन फर्म ने दी थीं सात चेतावनियां

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द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर के अस्पताल में शुक्रवार को बच्चों की मौत की ख़बरें आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने ऑक्सीजन फ़र्म की बकाया राशि में से बीस लाख रुपए का भुगतान कर दिया था.

पुष्पा सेल्स के मुताबिक अब उसका अस्पताल प्रबंधन पर क़रीब चालीस लाख रुपए बकाया है. रिपोर्ट के मुताबिक फर्म ने बीते सात महीनों में सात बार अस्पताल प्रबंधन को बकाया राशि न मिलने की स्थिति में गैस सप्लाई रोक देने की चेतावनी दी थी. अख़बार के मुताबिक अस्पताल में सात अगस्त के बाद से अब तक साठ बच्चों की मौत हो चुकी है. फर्म का कहना है कि 31 जुलाई को अस्पताल को क़ानूनी नोटिस भी भेजा गया था.

गोरखपुर अस्पताल में मौतों से जुड़ी एक रिपोर्ट में हिंदी अख़बार दैनिक भास्कर ने दावा किया है कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अपनी पत्नी के ज़रिए ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी से रिश्वत मांग रहे थे. अपनी रिपोर्ट में अख़बार ने कहा है कि डॉ. राजीव मिश्रा ने कमीशन के चक्कर में फर्म की बकाया राशि रोकी गई थी. उत्तर प्रदेश सरकार ने राजीव मिश्रा को निलंबित कर दिया है जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

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हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली है जबकि एक छात्र को स्कूल प्रबंधन ने बचा लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में एक दसवीं के छात्र ने जान दे दी जबकि देहरादून में स्कूल प्रबंधन ने पांचवीं के एक बच्चों को आत्महत्या करने से रोक लिया. दोनों मामलों में छात्रों को जानने वालों ने बताया है कि वो इंटरनेट गेम ब्लू व्हेल चैलेंज खेलते थे. इससे पहले मुंबई में एक छात्र ने इस इंटरनेट गेम के चक्कर में आत्महत्या कर ली थी.

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा है कि हामिद अंसारी को जहां सुरक्षित महसूस हो वो वहां जा सकते हैं.

हामिद अंसारी ने भारत का उपराष्ट्रपति रहते हुए दिए अपने अंतिम साक्षात्कार में कहा था कि भारत में मुसलमान असहज महसूस कर रहे हैं.

रक्षाबंधन पर आरएसएस के संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के एक कार्यक्रम में इंद्रेश कुमार ने कहा कि "जब तक वो कुर्सी पर थे धर्मनिरपेक्ष थे अब वो कट्टरपंथी मुसलमान बन गए हैं. पहले वो भारतीय थे, अब सांप्रदायिक हो गए हैं. पहले वो सभी पार्टियों के नेता थे, अब कांग्रेसी हो गए हैं. दस सालों तक उन्होंने कभी असुरक्षा महसूस नहीं की. उन्हें दुनियाा में वो देश बताना चाहिए जहां मुसलमान सुरक्षित हैं. मुझे नहीं लगता कि अंसारी को तकलीफ़ देखनी चाहिए बल्कि उन्हें जहां सुरक्षित महसूस हो वहां चले जाना चाहिए."

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