दलित से दोस्ती निभाना महिला को पड़ा भारी

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Image caption समा इंदिरा

तेलंगाना की इंदिरा ऊंची जाति से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन अब उन्हें एक दलित का समर्थन करने के लिए रेड्डी समुदाय से बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है.

कथित अत्याचार के एक मामले में दलित का पक्ष लेना उन पर भारी पड़ रहा है. यहा मामला भारत के 71वें स्वतंत्रता दिवस पर सामाने आया है. 50 साल की समा इंदिरा तेलंगाना में राजन्ना सिरसिला ज़िले के वेमुलापदा मंडल से हैं. उन्हें एक दलित का साथ देने के मामले में धमकी मिली है.

समा इंदिरा के भतीजे ने बताया, "वे हमें धमकी दे रहे हैं. वे हमें स्थाई रूप से समाज से बहिष्कार करने की धमकी दे रहे हैं. हमने एक दलित परिवार की मदद की इसलिए वे ऐसा व्यवहार कर रहे हैं. हमने अपनी ज़मीन दलित को पट्टे पर दी है इसलिए उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है."

इंदिरा के पास 10 एकड़ ज़मीन है और उन्होंने इनमें से दो एकड़ ज़मीन कोमापली लक्ष्मी को पट्टे पर दी है. समा इंदिरा की कोमापली लक्ष्मी बचपन की दोस्त हैं और वह दलित समुदाय से हैं.

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प्रशासन से शिकायत

वह पिछले एक दशक से धान की खेती कर रही हैं. लेकिन समस्या तब शुरू हुई जब पड़ोस के एक भूस्वामी ने पट्टे पर दी हुई ज़मीन के बगल में ज़मीन ख़रीदी. वह शख़्स रेड्डी समुदाय से है.

उसने पट्टे पर ली गई ज़मीन पर खेती करने को लेकर आपत्ति जताई. उसने अपनी ज़मीन से होकर गुज़रने पर भी आपत्ति जताई. क़रीब आठ महीने पहले लक्ष्मी के खेत की पूरी फ़सल नष्ट कर दी गई थी.

इंदिरा ने इस मामले की लक्ष्मी के साथ प्रशासन में शिकायत की. इसके बाद उन पर हमले हुए और उनसे कहा गया कि वो लक्ष्मी से ज़मीन वापस ले लें.

इंदिरा ने बीबीसी से कहा, "मैंने ऐसा करने से इनकार कर दिया क्योंकि लक्ष्मी मेरी बचपन की दोस्त है. रेड्डी समुदाय ने मुझे सामाजिक रूप से बहिष्कार करने की घोषणा की है."

इस बहिष्कार में रेड्डी समुदाय के संगठन ने कथित तौर पर कहा है कि इंदिरा से बात करने वालों पर पांच हज़ार रुपये का जुर्माना लगेगा. कहा जा रहा है कि इंदिरा के भाई पर उनकी बेटी की शादी में शामिल होने पर 20 हज़ार रुपये का जुर्माना देने पर मजबूर किया गया.

मामला दर्ज

इंदिरा की दो बेटियां हैं. इंदिरा ने इस बात को स्वीकार किया कि वह सामाजिक बहिष्कार के कारण काफ़ी दुखी हैं. उन्होंने कहा कि लक्ष्मी को दो एकड़ ज़मीन देने के कारण गांव वालों ने यह क़दम उठाया है.

इंदिरा ने कहा, ''हमलोग की ज़मीन पर कोई चहारदीवारी नहीं है. रेड्डी ने इस मुद्दे को लेकर लक्ष्मी को अपमानित किया है. मैं चाहती हूं कि ग्राम पंचायत इस मामले में हस्तक्षेप करे लेकिन वो तैयार नहीं हैं. हालांकि हमलोग इस मामले में शुल्क भी देने को तैयार हैं.''

इस मामले में पुलिस ने अनुसूचित जाति/जनजाति प्रताड़ना क़ानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है. इसके साथ अन्य क़ानूनों के तहत रेड्डी कम्युनिटी असोसिएशन के नौ सदस्यों के ख़िलाफ़ भी पुलिस ने मुक़दमा दर्ज किया है.

इसमें असोसिएशन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं. रेड्डी असोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि इंदिरा जानबूझकर दलितों को प्रोत्साहित कर रही हैं.

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