'छेड़छाड़ की शिकार छात्रा को पुलिस ने फ्री सेक्स कराने की धमकी दी'

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Image caption प्रतीकात्मक तस्वीर

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट का मामला सामने आया है.

आरोप है कि फरीदाबाद के अनंगपुर गांव में बीते सोमवार कुछ स्थानीय लोगों ने उनके साथ ऐसा किया.

आरोप ये भी है कि जब वह मदद के लिए सूरजकुंड थाने पहुंची तो वहां भी उन्हें छेड़खानी का शिकार होना पड़ा.

घटना के समय पीड़िता के साथ उनके दो दोस्त भी थे और असोला वाइल्ड लाइफ़ सेंचुरी से लौटने के दौरान ये हादसा हुआ.

इस मामले की शिकायत 16 अगस्त को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज थाने में की गई, जिसके आधार पर ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की गई है.

पीड़िता के दोस्त ने आरोप लगाया कि सूरजकुंड थाने की पुलिस ने छात्रा से फ्री सेक्स करने को कहा था. मामला प्रकाश में आने पर हरियाणा पुलिस ने मामले में थाने के एक सब इंस्पेक्टर को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है.

छात्रा के दोस्त दीपांजन ने बताया, "14 अगस्त को हम सात दोस्त असोला वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घूमने गए थे. लौटते हुए रात हो गई थी. चार दोस्त बाइक से थे और बाकी हम तीन कैब के लिए मुख्य सड़क की ओर जा रहे थे."

Image caption दीपांजन

मेरी दाढ़ी के कारण मुझे मुसलमान समझा

दीपांजन ने बताया, "इस दौरान अनंगपुर गांव में कुछ स्थानीय लड़कों ने हम तीनों को रोका और हमारे साथ मारपीट की. मेरी दाढ़ी के कारण वे मुझे मुसलमान समझ रहे थे. मैंने उन्हें अपना आईकार्ड दिखाया और कहा कि मैं हिंदू हूं. फिर भी उनलोगों ने मेरे साथ मारपीट की."

दीपांजन ने आगे बताया, "उन्होंने कुछ और लोगों को बुलाया और पूछा कि यह लड़की रात को सड़क पर क्या कर रही है. यह भी कि उस लड़की का हमलोगों के साथ क्या रिश्ता है."

मारपीट के शिकार पीड़िता के एक अन्य मित्र सूर्या ने बताया कि स्थिति मॉब लींचिंग जैसी बन गई थी. हमलोगों का जीवन खतरे में था. इसी बीच सुमित और आशीष नाम के दो युवकों (जो शारीरिक बनावट से बाउंसर लग रहे थे) ने हमें वहां से निकलने में मदद की.

सूर्या बताते हैं कि वे लोग जैसे-तैसे वहां से निकले. दिल्ली बॉर्डर पहुंचते ही उन्हें सब इंस्पेक्टर नईम ख़ान मिले. वो सभी को सूरजकुंड थाने ले गए, जहां उनसे पूछताछ की गई.

Image caption सूर्या

पुलिस ने अश्लील तरीके से बात की

दीपांजन बताते हैं, "थाने में हमलोगों से ऐसे पूछताछ की गई जैसे हम अपराधी हों. पुलिसवाले हमारी महिला मित्र को एक अलग कमरे में ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ छेड़छाड़ की."

बकौल दीपांजन, "हमारी महिला मित्र से पुलिसवाले ने कहा कि विदेशों की तरह फ्री सेक्स आपसे करवाएंगे. महिला मित्र को गलत तरीके से छूआ. हमसे झूठा माफीनामा भी लिखावाया. जेएनयू लौटने के बाद हमलोगों ने वसंत विहार थाने में ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज करवाई."

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Image caption जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

तीन दिनों से सो नहीं पाई है पीड़िता

घटना के बाद 15 अगस्त को सभी पीड़ितों की एम्स में मेडिकल जाँच कराई गई.

पीड़िता की सहपाठी एक छात्रा ने बताया, "वह (पीड़ित छात्रा) पिछले चार दिनों से बीमार है. सो तक नहीं पाई है. गुरुवार की शाम उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे सफदरजंग अस्पताल ले गए. फिलहाल जेएनयू के हेल्थ सेंटर में डॉक्टर उसकी काउंसलिंग कर रहे हैं."

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सब इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड

उधर, मामले की जांच कर रही हरियाणा पुलिस की एसीपी पूजा डाबला ने बीबीसी को बताया, "हमारी जांच चल रही है. शुरुआती जांच के आधार पर सूरजकुंड थाने में उस वक्त तैनात सब इंस्पेक्टर सुरेश को सस्पेंड कर दिया गया है."

आगे क्या कार्रवाई होगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा, "पीड़ित छात्रा की तबियत फिलहाल खराब है. जैसे ही वह ठीक होती है, उसका बयान दर्ज किया जाएगा. मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनपर कार्रवाई होगी."

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