सिरसा में डेरा मुख्यालय के बाहर ही रहेगी सेना

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम को बलात्कार का दोषी ठहराए जाने के बाद सिरसा में हुई हिंसा में घायल दो और लोगों की मौत के बाद यहां मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है.

सिरसा में शनिवार को अब तक स्थित पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण रही है. सेना इलाक़े में फ़्लैग मार्च कर रही है लेकिन अभी तक वो डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में नहीं घुसी है.

बीबीसी हिंदी के लिए स्थानीय पत्रकार प्रभु दयाल ने बताया कि राम रहीम की सुरक्षा में लगे पंजाब पुलिस के जवानों के पास से दो एके-47 राइफ़ल बरामद किए गए हैं. उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

सेना की 33 डिविज़न के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) राजपाल पुनिया ने बताया है कि सेना सिरसा के डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में अंदर नहीं घुसी है और फिलहाल अंदर जाने का फ़ैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि सेना फिलहाल शांति बहाली में लगी है.

उधर मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने भी बताया है कि, "डेरे के अंदर आर्मी नहीं गई है. वह बस बाहर है और राम रहीम को कोई जेल में कोई विशेष सुविधा नहीं मिल रही है. डेरे के समर्थक के एक वाहन से कल एक एके-47, एक माउज़र बरामद हुई थी. मारे गए सभी लोग डेरा समर्थक थे."

डीजी जेल केपी सिंह ने कहा है कि "यह भ्रामक प्रचार है कि राम रहीम को जेल में वीआईपी सुविधाएं मिल रही हैं. उनको साधारण कैदी की तरह रखा गया है. न ही उनको टीवी, एसी, अटेंडेंट दिया गया है. उनकी निगरानी में सिर्फ दो कर्मचारी लगाए गए हैं."

सिरसा स्थित सच्चा सौदा के आश्रम में हज़ारों की तादाद में डेरे के समर्थक मौजूद हैं. इन समर्थकों को सुबह पुलिस ने डेरा मुख्यालय से बाहर निकलने को कहा था जिसके बाद कुछ समर्थक बाहर आए थे और फ़िर तलाशी के दौरान उनके पास से डंडे, तलवार और पेट्रोल की बोतलें बरामद हुई थीं.

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इस घटना के बाद डेरा मुख्यालय से समर्थकों को बाहर निकालने के लिए पुलिस के साथ सेना और रेपिड एक्शन फोर्स की टीमें पहुंचीं और वहीं धीरे-धीरे जवान आगे बढ़ रहे हैं.

सिरसा के डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत सिंह के पीए पुरुषोत्तम ने बीबीसी हिंदी को बताया कि पुलिस, सेना और रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों ने डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय के बाहर मोर्चा संभाल लिया है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और अदालत की तरफ़ से आने वाले आदेशों का पूरा पालन किया जाएगा. अगर उसके लिए बलप्रयोग का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पड़ती है, तो वो भी होगा.

इस बीच हरियाणा के अलग-अलग शहरों में बने 36 डेरों के भीतर सेना दाख़िल हो गई है और वहां जांच की जा रही है. पंजाब के मांसा में डेरा के भीतर पैरामिलिट्री घुसी है.

बीबीसी हिंदी के लिए स्थानीय पत्रकार प्रभु दयाल ने बताया कि, "गुरुवार को फ़ैसले से पहले डेरे में 20 हज़ार से अधिक लोग थे. इससे पहले 15 अगस्त को राम रहीम ने अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में उन्होंने अपने समर्थकों को डेरे में बुलाना शुरू किया था."

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प्रभु दयाल बताते हैं कि जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक हफ़्ते तक कई कार्यक्रम किए गए और लोगों को इकट्ठा करके उन्हें रोका गया कि मामले की सुनवाई तक वह यहां रुक जाएं.

डेरे के अंदर स्थाई तौर पर चार-पांच हज़ार लोग रहते हैं और इनको हटाया जा सकता है.

यह डेरा मुख्यालय सैकड़ों एकड़ में फ़ैला है जिसे खाली कराने में काफ़ी समय लग सकता है. साथ ही समर्थकों के हिंसक होने का भी ख़तरा है.

वहीं, डेरा मुख्यालय के एक सेवादार का कहना है कि सेना और पुलिस केवल फ्लैग मार्च कर रही है और वह डेरा मुख्यालय खाली कराने नहीं आ रही है.

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डेरा खाली कराने की स्थिति में समर्थक क्या करेंगे इस पर सेवादार कहते हैं कि प्रशासन डेरा खाली कराएगा तो वे खाली कर देंगे लेकिन डेरे में स्थाई तौर पर रह रहे साधू कहां जाएंगे.

तलाशी लेने के सवाल पर सेवादार बताते हैं कि प्रशासन तलाशी ले ले क्योंकि वे धर्म का काम करते हैं, उनके पास घातक हथियार नहीं हैं और पहले भी तलाशी ली जाती रही है.

गुरमीत राम रहीम को क्यों पसंद करते हैं लोग?

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