हरियाणाः मरने वाले लोग आखिर हैं कौन?

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सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार का दोषी करार दिया.

फैसला सुनाए जाने के बाद पंचकुला और सिरसा में हुई हिंसा में 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जिसमें 29 मौतें पंचकुला और 2 मौतें सिरसा में हुई हैं.

हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राम निवास ने बीबीसी हिंदी के सहयोगी रविंदर सिंह रॉबिन को बताया, "स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित है. कल (शुक्रवार) शाम को 7 बजे के बाद पंचकुला में कोई भी डेरा समर्थक नहीं था. सभी को इलाके से पूरी तरह हटा दिया गया है और हालात शांतिपूर्ण हैं."

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'मरने वाले सभी उपद्रवी'

उपद्रव में 31 लोगों के मारे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, "28 लोग मरे हैं और मरने वाले सभी उपद्रवी हैं और इसमें कोई भी आम आदमी नहीं है. इस ख़बर को कोई अख़बार नहीं छाप रहा है कि मरने वाले उपद्रवी थे."

वह बताते हैं कि डेरे के लोग और कुछ पुलिसकर्मी घायल हैं जो अस्पताल में भर्ती हैं.

पीजीआई चंडीगढ़ अस्पताल में गुरुवार को 72 घायल भर्ती हुए थे जिनमें से 7 लोगों की मौत हो गई थी.

भर्ती हुए घायलों को कई चोटें थीं जिनमें से अधिकतर को गोलियों के छर्रे लगे थे.

इसके अलावा पंचकुला के सिविल अस्पताल में 77 घायल भर्ती हुए थे. यहां 17 शव हैं जिन्हें अब तक कोई लेने नहीं आया है.

सेक्टर 32 के अस्पताल में तीन शव हैं.

राम निवास बताते हैं कि उन्होंने पंचकुला में आम नागरिकों को किसी प्रकार की हानि नहीं होने दी है और मीडिया के लिए दुख है क्योंकि उनकी गाड़ियों को जलाया गया.

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वह कहते हैं कि यह मामला बढ़ सकता था जैसे झज्जर, रोहतक, सोनीपत में जाट आंदोलन के दौरान देखा कि मकान, दुकान क्षतिग्रस्त कर दिए गए थे.

पुलिस फ़ायरिंग की बात स्वीकार करते हुए राम निवास ने कहा कि पुलिस फ़ायरिंग के बाद ही दंगाइयों पर काबू पाया गया वरना पूरे पंचकुला में उत्पात मच सकता था.

वह कहते हैं, "काफ़ी प्रॉपर्टी का नुकसान बचाया है और जो नुकसान हुआ है, उस नुकसान की भरपाई डेरे से की जाएगी."

राम निवास कहते हैं कि इस मामले के 5 मुख्य साज़िशकर्ताओं की पहचान हो गई है जिनके ख़िलाफ़ जल्द कार्रवाई की जाएगी.''

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठखराल ने बीबीसी को बताया, 'पंजाब में हालात स्थिर हैं, कल(शुक्रवार) शाम के बाद से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है. मुख्यमंत्री लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं. संगरूर व कुछ अन्य इलाकों से कर्फ्यूं हटा लिया गया है.'

उत्पात मचाने वाले लोग हमारे नहीः डेरा सच्चा सौदा

हिंसा करने वालों को बाबा राम रहीम का अनुयायी बताया जा रहा है. हालांकि डेरा सच्चा सौदा के मुखपत्र 'सच कहूं' ने अपने शनिवार के अंक में इन आरोपों से इंकार किया है.

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हरियाणा के सिरसा से प्रकाशित होने वाले इस अख़बार ने आधे पेज में 'सभी शांति बनाए रखें' शीर्षक के साथ एक अपील प्रकाशित की है. इसमें उन्होंने कानून को अपने हाथ में न लेने को कहा है.

अखबार लिखता है कि जिन समाज विरोधी तत्वों ने उत्पात मचाया है, सरकारी-गैरसरकारी संपत्ति को हानि पहुंचाई है वे डेरा प्रेमी नहीं हो सकते.

अख़बार ने ख़बर के भीतर डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता डॉ दिलावर इन्सां के हवाले से कहा है, ''हमारे साथ अन्याय हुआ है, हम इस फ़ैसले के विरुद्ध अपील करेंगे. हमारे साथ वही हुआ, जो इतिहास में गुरुओं के साथ हुआ है. डेरा सच्चा सौदा मानवता की भलाई के लिए है, सभी शांति बनाए रखें.''

गुरमीत राम रहीम के नाम से जारी इस अपील में लिखा गया है कि उत्पात व आगजनी करने वाले लोग डेरा प्रेमियों की आड़ ले रहे हैं, ये असामाजिक तत्व इस समय का नाजायज़ फ़ायदा उठाने की फ़िराक में हैं.

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अपील के अंत में लिखा गया है कि अगर कोई व्यक्ति डेरा सच्चा सौदा का या साध-संगत का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करता है व अशांति फैलाता है तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें.

हालांकि अखबार ने 'पंजाब-हरियाणा में भड़की हिंसा' की ख़बर को प्रमुख रूप से प्रकाशित किया गया है. ख़बर में लिखा गया है कि हिंसा में 20 डेरा अनुयायियों की मौत हो गई है.

अख़बार की प्रमुख ख़बर में लिखा गया है, ''सीबीआई अदालत द्वारा डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के विरुद्ध फ़ैसला सुनाए जाने के बाद हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हिंसा की घटनाओं की ख़बरें हैं. दोपहर बाद सबसे पहले पंचकूला पुलिस और लोगों में झड़पें हुईं.''

इसमें लिखा गया है, ''इसके बाद पंजाब व हरियाणा में अन्य स्थानों में भी ऐसी घटनाएं हुईं. अलग-अलग घटनाओं में 18 डेरा श्रद्धालुओं की मौत होने और 300 के घायल होने की ख़बरें हैं. पंचकूला में पुलिस वाहनों और दमकल वाहनों सहित 100 से ज़्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.''

अखबार ने लिखा, ''जैसे ही पूज्य गुरु जी के ख़िलाफ़ अदालत ने फ़ैसला सुनाया तो कुछ ही मिनटों बाद ही हिंसा फैलने की ख़बरें आने लगीं. ऐसी चर्चा सुनी गई कि कुछ लोग डेरा श्रद्धालुओं के नाम पर हिंसा पर उतारू हो गए. ऐसी भी ख़बरें हैं कि कुछ कथित स्वयंसेवकों ने भीड़ की आड़ में डेरा प्रेमियों को बदनाम करने के लिए हिंसा को अंजाम दिया है.''

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