गाय चोरी के आरोप में प. बंगाल में दो लोगों की पीट पीटकर हत्या

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पश्चिम बंगाल के उत्तरी इलाक़े के जलपाईगुड़ी जिले में कुछ गांव वालों ने रविवार तड़के सुबह गाय चोर होने के संदेह में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी.

इनमें से एक व्यक्ति असम का और दूसरा इसी राज्य के कूचबिहार ज़िले का रहने वाला था. राज्य पुलिस ने इन दो हत्याओं की पुष्टि करने के साथ जांच शुरू कर दी है.

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रात के अंधेरे में गांव से गुजर रहे थे ये दो लोग

स्थानीय लोगों ने बताया कि ये दोनों लोग रात को एक पिकअप वैन में गांव से गुजर रहे थे.

और, वैन में सात गायें थीं लेकिन शायद रास्ता भटक जाने की वजह से ये लोग गांव का चक्कर काटते रहे. फ़िर, वैन की आवाज़ से गांव वालों की नींद टूट गई.

इसके बाद गांव वालों ने इन लोगों को रोकने का प्रयास किया. तब उन्होंने भागने की कोशिश की.

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इसके बाद गांव वालों ने सड़क पर अवरोधक लगाकर वैन को रोक लिया. इसके बाद वैन का ड्राइवर फ़रार हो गया लेकिन वैन में सवार दो लोगों को पकड़ लिया गया.

गाय चोरी की पूछताछ के बाद पिटाई

इस घटना में गांववालों ने पहले गाय चोर होने के संदेह में उनसे पूछताछ की. इसके बाद उनकी बेतहाशा पिटाई हुई. गांव वालों ने वैन में भी तोड़फोड़ की.

घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों लोगों को स्थानीय अस्पताल में भेजा. लेकिन वहां उनको मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने गायों को अपने कब्जे में ले लिया है.

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जलपाईगुड़ी के पुलिस अधीक्षक अमिताभ माइती ने इन दोनों मौतों की पुष्टि की है.

माइती ने बताया, "दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है. ये हादसा ज़िले में धूपगुड़ी टाउन से लगभग 15 किमी दूर बड़हरिया गांव में तड़के तीन बजे हुई. मृतकों में से एक हफीजुल शेख़ (19) असम के धुबड़ी जिले और अनवर हुसैन (19) कूचबिहार जिले में पातालहावा का रहने वाला है."

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पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि वे दोनों गाय चोर थे या पशुओं के व्यापारी.

फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि उन दोनों ने कहीं किसी स्थानीय बाजार से उन पशुओं को तो नहीं ख़रीदा था. अब तक इस मामले में किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

इससे पहले बीते जून में उत्तरी दिनाजपुर ज़िले के चोपड़ा इलाक़े में भी तीन मुस्लिम युवकों की इसी संदेह में इसी तरह पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.

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उत्तरी बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष इस मुद्दे पर कहते हैं, "एक दो घटनाओं से किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. इस घटना के बाद इलाक़े में भारी तनाव है. वहां भारी तादाद में पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है."

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