ग्राउंड रिपोर्ट: गुरमीत को सज़ा से पहले डरे हुए हैं सिरसा के लोग

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हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय और शहर के बाकी इलाकों में रविवार को स्थित शांतिपूर्ण रही. दुकानें बंद हैं और शहर में कर्फ़्यू लगा है.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 15 साल पुराने यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया गया है जिसमें सज़ा का ऐलान सोमवार को आएगा. ऐसे में यहां के लोग अनिश्चितता के बीच डरे हुए हैं और अधिकांश लोग अपने अपने घरों में ही दुबके पड़े हैं.

डेरा का मुख्यालय सिरसा में है और फ़ैसले के दिन शुक्रवार को पंचकुला के साथ ही वहां भी हिंसा और आगजनी हुई थी जिसमें छह लोग मारे गए थे.

रविवार की सुबह 6 बजे से 11 बजे तक पांच घंटे के लिए कर्फ़्यू में ढील दी गई. इस दौरान कुछ लोग अपनी ज़रूरत का सामान लेने बाहर निकले. हालांकि शहर के कुछ होटल खुले हैं जहां खासतौर पर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा है.

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रविवार को खुले पेट्रोल पंप

एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी रामाधीन ने बताया, "पेट्रोल पंप रविवार की सुबह 6 बजे खुला था और दोपहर 11 बजे फ़िर उसे बंद कर दिया गया. दो दिन बंद था. 24 तारीख़ को रात 10 बजे बंद करवा दिया गया था."

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सुबह कर्फ़्यू में ढील दी गई थी.

सामान्य जन जीवन बिल्कुल ठप है. यहां लोग अपना काम धंधा छोड़ कर घर पर बैठने को मजबूर हैं. कारोबारियों का कहना है कि इन चार दिनों में बहुत नुकसान हुआ है.

दुकानदार सचिन भाटिया ने बताया, "बाज़ार पूरा बंद है. पिछले तीन चार दिनों से दुकानों के बंद रहने की वजह से काफ़ी नुकसान हुआ है."

व्यापारी कमल ने कहा, "सज़ा कानून के तहत हुई है इसलिए इसमें कोई दो राय नहीं है."

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Image caption डेरा सच्चा सौदा

इंटरनेट बंद

हालांकि वो कहते हैं कि कर्फ़्यू की वजह से काम बंद पड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, "लगातार चार दिन घर में बैठना बहुत मुश्किल है. काम बिल्कुल बंद है. बहुत नुकसान हो रहा है."

इस पूरे प्रकरण पर वो कहते हैं, "प्रशासन की लापरवाही है. इतने लोगों की मौतें क्यों हुई. मैं सरकार के साथ हूं लेकिन इतने लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया जाना चाहिए था."

एक अन्य बिजनेस मैन सौरभ ने बताया, "काम धंधा ठप हो गया है. वक्त सोकर गुज़र रहा है."

उन्होंने कहा, "इंटरनेट बंद है. हमारे पास और कोई विकल्प नहीं है. हालांकि बिजली, टेलीफ़ोन की स्थिति सामान्य है."

यहां के लोग सज़ा के ऐलान के दिन भी किसी अप्रिय घटना को लेकर सशंकित हैं.

सौरव ने कहा, "लोग डरे हुए हैं. सोमवार को सज़ा की सुनवाई के बाद शहर को नुकसान न हो."

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सवा सौ बसें तैयार

हालांकि प्रशासन ने गड़बड़ी के किसी भी अंदेशे को कम करने के लिए ऐहतियातन कई कदम उठाए हैं.

सिरसा में जब से सेना आई है डेरा के लोगों से कहा जा रहा है कि वो जाना चाहें तो अपने अपने घरों को जा सकते हैं.

हरियाणा रोडवेज के एक कर्मचारी ने नाम न ज़ाहिर किए जाने की शर्त पर बताया कि डिपो से सारी गाड़ियां डेरे में बुलाई गई हैं.

उन्होंने कहा, "डिपो में फिलहाल सवा सौ गाड़ियां खड़ी हैं. डेरे के अंदर रुके समर्थकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी गाड़ियों को डेरे में बुलाया है."

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