रोहतक: गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के दोनों मामलों में 10-10 साल की सज़ा

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के दो मामलों में 10-10 साल की सज़ा सुनाई गई है.

गुरमीत राम रहीम के वकील एस. के. गर्ग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दो मामलों में 10-10 साल सज़ा सुनाई गई हैं और ये दोनों सज़ाएं एक साथ नहीं चलेंगी.

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों मामलों में 15.1-15.1 लाख रुपये (कुल 30 लाख 20 हज़ार रुपये) का जुर्माना भी लगाया. इनमें से 14-14 लाख रुपये दोनों मामलों की पीड़िताओं को दिए जाएंगे.

सीबीआई के प्रवक्ता आर.के. गौड़ ने भी बीबीसी हिंदी से गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सज़ा मिलने की पुष्टि की है.

हरियाणा में रोहतक की सुनारिया जेल के अंदर लगी विशेष अदालत में जज जगदीप सिंह ने यह सज़ा सुनाई.

सुनवाई के दौरान अभियोजक पक्ष ने 15 और बचाव पक्ष ने 37 गवाहों से पूछताछ की.

इससे पहले 25 अगस्त को पंचकुला में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम सिंह को साल 2002 में दो महिलाओं से बलात्कार का दोषी माना था.

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फ़ैसले के ख़िलाफ़ करेंगे अपील

मीडिया से बात करते हुए गुरमीत राम रहीम के वकील एस. के. गर्ग ने बताया कि उन्होंने अदालत से सज़ा में उदारता बरतने की अपील की थी.

उन्होंने कहा, 'हमने कहा कि यह 18-19 साल पुराना केस है और इसके बाद इनके ख़िलाफ कोई मुकदमा दायर नहीं हुआ है, सज़ा भी नहीं हुई है. हमने स्वास्थ्य का भी हवाला दिया. अदालत को इनके द्वारा किए गए मानवता की भलाई के 133 कामों के बारे में भी बताया.'

गर्ग ने कहा कि फ़ैसले को पढ़ने के बाद आगे ज़रूर हम अपील करेंगे.

डेरा परिसर में डटे हुए हैं बाबा समर्थक

गुरमीत राम रहीम को सज़ा सुनाए जाने के कुछ ही मिनटों के अंदर डेरा परिसर से ग़ुस्साई भीड़ निकली और एक कार को आग लगा दी.

हालांकि सिरसा प्रशासन का कहना है कि इस घटना की जांच की जा रही है.

पंजाब और हरियाणा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 हज़ार अर्धसैनिक बलों और सेना के जवानों की तैनाती की गई है.

अनाधिकारिक अनुमान के मुताबिक डेरा परिसर के अंदर बाबा के 15 हज़ार कट्टर समर्थक हो सकते हैं.

डेरा समेत बाबा की संपत्तियों को ज़ब्त करने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. मगर बाबा के समर्थक संघर्ष के बिना पीछे हटने को तैयार नज़र नहीं आ रहे.

प्रशासन का दावा- नही हुई हिंसा

हरियाणा प्रशासन ने दावा किया है कि सिरसा में आज कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई.

गुड़गांव नगर निगम के विशेष आयुक्त वी. उमा शंकर और सिरसा के आईजी ए.एस. ढिल्लों सिरसा में मीडिया के सामने आए. उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख को सज़ा सुनाए जाने को देखते हुए हमने पहले ही पूरे इंतज़ाम किए थे.

सोमवार को डेरा के पास कार में आग लगने की घटना को लेकर सिरसा के आईजी ए.एस. ढिल्लों ने कहा, 'एसएचओ ने शुरुआती जांच में पाया है कि कुछ लड़के कार में बैठे हुए थे और हॉर्न के साथ कोई समस्या थी. जैसे ही वे बाहर निकले इसमें आग लग गई.'

हालांकि, उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और फरेंसिक एक्सपर्ट देखेंगे कि आग अपने आप लगी या किसी ने लगाई. यह भी पता किया जा रहा है कि गाड़ी किसकी थी.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों से कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है. खट्टर ने कहा, 'कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, सभी को कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए.'

उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं. यदि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेता पाया गया तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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Image caption प्रशासन का दावा है कि सिरसा में शांति बनी हुई है.

डेरा के अंदर और आसपास 5000 समर्थक

वी. उमाशंकर ने बताया कि कुछ लोग डेरे से निकलना चाहते थे, उन्हें डेरा प्रबंधन से बात करके जाने दिया गया है. उन्होंने कहा कि डेरे के साथ की रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाले बाबा समर्थकों को मिला लिया जाए तो यहां करीब 5000 डेरा प्रेमी हैं.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हिंसा भड़काई है, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी. डेरा में कितने हथियार हैं, इस बारे में उन्होंने कहा कि कुछ हथियार डेरा के नाम पर पंजीकृत हैं तो कुछ लोगों के नाम पर. उन्होंने दावा किया कि इसकी पूरी जानकारी जुटा ली गई है.

उन्होंने कहा कि शाम को जॉइंट कमांड की मीटिंग होगी, जिसमें कर्फ़्यू का आकलन किया जाएगा.

हरकत में आईं सरकारें

हरियाणा सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. इसमें मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के साथ हरियाणा के चीफ़ सेक्रेटरी और डीजीपी भी हिस्सा लेंगे.

चंडीगढ़ के स्थानीय पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने बताया है कि पंजाब सरकार ने किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए अपनी तरफ़ से सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम करने का दावा किया है..

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सिरसा में सब बंद

सिरसा में मौजूद बीबीसी संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली ने बताया कि शहर में कर्फ्यू लगा है और बिना पास के घूमना मुश्किल है. शहर बंद है, इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगी है और सिर्फ़ वाई-फ़ाई काम कर रहा है.

शहर में अफ़वाहें भी फैल रही हैं. गाड़ी में आग लगाए जाने ख़बर फैली जो सच नहीं थी.

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Image caption सिरसा में कर्फ़्यू लगा है

यहां उनकी मुलाकात फ़तेहाबाद के रतिया से आए दर्शन सिंह से हुई जो डेरा के लंगर में सेवा करते हैं. वह डेरे की तरफ़ जा रहे थे मगर उनका कहना था कि सेना ने उन्हें वापस भेज दिया है.

फ़ैसले का स्वागत

2002 में सिरसा के स्थानीय पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या हो गई थी, जिसका आरोप डेरा पर लगा था. रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति के वकील लेखराज धूत ने फ़ैसले का स्वागत किया है.

उन्होंने कहा, 'अपराध को देखते हुए और कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए थी, मगर न्याय की अपनी व्यवस्था होती है. इसलिए हम अदालत के फ़ैसले का सम्मान करते हैं.'

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हुए थे हिंसक प्रदर्शन

इससे पहले शुक्रवार को गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था.

हरियाणा सरकार के मुताबिक हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों की गई कार्रवाई में 38 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे.

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दोषी करार दिए जाने के बाद गुरमीत राम रहीम सिंह को पंचकुला से हेलिकॉप्टर के ज़रिए रोहतक जेल ले जाया गया था.

गुरमीत राम रहीम का 'पूरा सच' सामने लाने वाला पत्रकार

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद सज़ा सुनाने के लिए रोहतक जेल में ही ख़ास अस्थायी अदालत बनाई गई थी. डेरा समर्थकों की हिंसा की आशंका को देखते हुए रोहतक में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

25 अगस्त को भड़की हिंसा को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी.

राम रहीम के साथ दिखी लड़की का 'पूरा सच'

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