हवलदार जो बच्चों को बचाने के लिए बम लेकर दौड़ा

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Image caption बम उठाकर भागते हवलदार अभिषेक पटेल

मध्य प्रदेश के सागर ज़िले का चितौरा गांव. घटना शुक्रवार की है जब यहां के हायर सेकेंडरी स्कूल के पास बच्चों ने एक बम देखा.

दोपहर 12.50 बजे किसी ने 100 नंबर पर कॉल करके सूचना दी कि स्कूल के पास तोप का गोला पड़ा है.

सुरखी थाने की 'डायल 100' को इस कॉल को चेक करने को कहा गया. उस वक़्त 'डायल 100' बेरखेड़ी गांव के पास थी, जहां से गांव करीब 8 किलोमीटर दूर है. फिर भी डायल 100 टीम दोपहर 1.08 बजे तक चितौरा पहुंच गई.

'डायल 100' में हवलदार अभिषेक पटेल अपने दो साथियों के साथ मौजूद थे.

अभिषेक ने क्यों उठाया यह जोखिम?

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Image caption अभिषेक पटेल

अभिषेक पटेल ने स्कूल पहुंचने के फ़ौरन बाद पूरे स्कूल को ख़ाली कराया. उस वक़्त स्कूल में 400 बच्चे मौजूद थे. पास ही रिहायशी इलाक़ा भी है.

इसके बाद अभिषेक ने बम को उठाकर दौड़ लगा दी. लगभग 10 किलो वज़नी इस बम को लेकर वह लगभग 1 किलोमीटर दूर तक दौड़े और फिर उन्होंने उसे मैदान में फेंक दिया ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे.

अभिषेक पटेल ने बीबीसी को बताया, "उस वक़्त मेरे लिए सबसे ज़रूरी था कि मैं उस बम को बच्चों से दूर ले जाऊं ताकि उन्हें कोई नुकसान न हो."

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जब बच्चों को बचाने के लिए बम लेकर दौड़ा पुलिसवाला

अभिषेक ने बताया कि उस वक़्त स्कूल प्रबंधन के साथ वहां मौजूद बच्चों के चेहरे पर मैं साफ़ डर देख रहा था.

उन्होंने बताया कि लगभग 1 महीने पहले बननाथ गांव में भी ऐसा ही बम मिला था. इसे आर्मी और पुलिस ने मिलकर निष्क्रिय किया था, लेकिन उससे उन्हें समझ आ गया था कि यह बम भी कितना ख़तरनाक हो सकता है.

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32 साल के अभिषेक का कहना है कि उन्होंने वही किया जो इस तरह के हालात में एक पुलिस वाले को करना चाहिए था.

दो बच्चों के पिता अभिषेक ने बताया कि उस वक़्त उन्होंने अपने परिवार के बारे में नहीं सोचा. उस वक़्त उन्हें स्कूल के बच्चों का ही ध्यान था. अभिषेक पटेल का बेटी 5 साल की है और बेटा 2 साल का.

इनाम मिलने से ख़ुश हैं अभिषेक

अपनी जान पर खेलकर करीब 400 बच्चों की जान बचाने वाले इस बहादुरी भरे काम के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 50 हज़ार रुपये का इनाम देकर अभिषेक सम्मानित किया.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों पुरस्कार लेकर अभिषेक बहुत ख़ुश हैं. उन्होंने कहा कि सम्मान से यह पता चलता है कि उनके काम को कितना सराहा गया है.

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अभिषेक पटेल की पत्नी रीना पटेल ने बताया, "उस वक्त तो हमें पता नहीं था लेकिन बाद में जब पता चला तो हमें अच्छा लगा कि उन्होंने एक ऐसा काम किया जिसकी हर कोई तारीफ़ कर रहा है. लेकिन दूसरी तरफ़ यह भी महसूस हो रहा है कि अगर कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता."

वह कहती हैं कि इन्होंने इतने बच्चों की जान बचाकर बहुत बड़ा काम किया है.

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कहां से आया यह बम?

पुलिस के मुताबिक़ यह बम आर्मी का था और अगर इसमें विस्फोट हो जाता तो 500 मीटर के इलाके में गंभीर नुकसान पहुंचता.

पुलिस का कहना है कि पास ही आर्मी की शूटिंग रेंज है और यह बम वहीं से आया होगा. यह बम स्कूल के पास कैसे पहुंच गया, इसकी जांच की जा रही है.

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