क्या है मैरिटल रेप और क्यों है विवाद?

महिलाएं इमेज कॉपीरइट AFP

भारत में 'वैवाहिक बलात्कार' यानी 'मैरिटल रेप' कानून की नज़र में अपराध नहीं है. यानी अगर पति अपनी पत्नी की मर्ज़ी के बगैर उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे अपराध नहीं माना जाता.

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में 'मैरिटल रेप' को 'अपराध करार देने के लिए' दायर की गई याचिका के ख़िलाफ़ कहा कि इससे 'विवाह की संस्था अस्थिर' हो सकती है.

दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा, "मैरिटल रेप को अपराध नहीं करार दिया जा सकता है औस ऐसा करने से विवाह की संस्था अस्थिर हो सकती है. पतियों को सताने के लिए ये एक आसान औजार हो सकता है."

ऐसे में ये सवाल पूछा जा सकता है कि 'रेप' और 'मैरिटल रेप' में क्या फर्क है और विवाह की संस्था का इससे क्या संबंध है?

वो औरतें जिन्होंने तीन तलाक़ को दी चुनौती

यौन हिंसा: बस 8 फ़ीसदी मामलों में मदद मांगी

क्या है रेप

आईपीसी की धारा 375 के मुताबिक़ कोई व्यक्ति अगर किसी महिला के साथ अगर इन छह परिस्थितियों में यौन संभोग करता है तो कहा जाएगा कि रेप किया गया.

1. महिला की इच्छा के विरुद्ध

2. महिला की मर्जी के बिना

3. महिला की मर्जी से, लेकिन ये सहमति उसे मौत या नुक़सान पहुंचाने या उसके किसी करीबी व्यक्ति के साथ ऐसा करने का डर दिखाकर हासिल की गई हो.

4. महिला की सहमति से, लेकिन महिला ने ये सहमति उस व्यक्ति की ब्याहता होने के भ्रम में दी हो.

5. महिला की मर्जी से, लेकिन ये सहमति देते वक्त महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हो या फिर उस पर किसी नशीले पदार्थ का प्रभाव हो और लड़की कंसेट देने के नतीजों को समझने की स्थिति में न हो.

6. महिला की उम्र अगर 16 साल से कम हो तो उसकी मर्जी से या उसकी सहमति के बिना किया गया सेक्स.

अपवाद: पत्नी अगर 15 साल से कम की हो तो पति का उसके साथ सेक्स करना रेप नहीं है.

दस में से एक लड़की 'यौन हिंसा का शिकार'

कहीं यौन हिंसा के पीछे पॉर्न का हाथ तो नहीं?

क्या है मैरिटल रेप

आईपीसी या भारतीय दंड विधान रेप की परिभाषा तो तय करता है लेकिन उसमें वैवाहिक बलात्कार या मैरिटल रेप का कोई जिक्र नहीं है.

धारा 376 रेप के लिए सजा का प्रावधान करता है और आईपीसी की इस पत्नी से रेप करने वाले पति के लिए सजा का प्रावधान है बर्शते पत्नी 12 साल से कम की हो.

इसमें कहा गया है कि 12 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ पति अगर बलात्कार करता है तो उस पर जुर्माना या उसे दो साल तक की क़ैद या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं.

375 और 376 के प्रावधानों से ये समझा जा सकता है कि सेक्स करने के लिए सहमति देने की उम्र तो 16 है लेकिन 12 साल से बड़ी उम्र की पत्नी की सहमति या असहमति का कोई मूल्य नहीं है.

प्राचीन भारत में 'सेक्स' को लेकर खुला था माहौल

यौन हिंसा का कपड़े उतारकर विरोध

इमेज कॉपीरइट Science Photo Library

क्या कहता है हिंदू मैरिज एक्ट

हिंदू विवाह अधिनियम पति और पत्नी के लिए एक दूसरे के प्रति कुछ जिम्मेदारियां तय करता है. इनमें सहवास का अधिकार भी शामिल है.

क़ानूनन ये माना गया है कि सेक्स के लिए इनकार करना क्रूरता है और इस आधार पर तलाक मांगा जा सकता है.

घरेलू हिंसा क़ानून

घर की चारदीवारी के भीतर महिलाओं के यौन शोषण के लिए 2005 में घरेलू हिंसा क़ानून लाया गया था.

ये क़ानून महिलाओं घर में यौन शोषण से संरक्षण देता है. इसमें घर के भीतर यौन शोषण को परिभाषित किया गया है

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे