मुंबई की तेज़ बारिश में दो बच्चे समेत पांच की मौत

मुंबई में मंगलवार को भारी बारिश के दौरान जलभराव से बेहाल रही जनता इमेज कॉपीरइट PUNIT PARANJPE
Image caption मुंबई में भारी बारिश के दौरान जलभराव से बेहाल रही जनता

बारिश की वजह से मुंबई में पांच लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं. बुधवार को शहर के कई हिस्सों से पानी उतरने लगा, लेकिन कई जगहों पर समस्या अभी भी बनी हुई है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार रविवार तक तेज़ बारिश के आसार बने हुए हैं.

मंगलवार को तेज़ बारिश और 3.2 मीटर ऊंचे हाई टाइड के कारण मुंबई में जगह-जगह कमर तक जल भर गया. मुंबई की लाइफ़ लाइन कही जाने वाली लोकल लगभग पूरी तरह ठप हो गई. कई उड़ानें और ट्रेनें कैंसिल हुईं तो वहीं जलभराव के कारण लोग दफ़्तरों और दूसरे के घरों में पनाह लेने को मजबूर हुए.

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रिकॉर्ड 325 मिलीमीटर बारिश हुई

बीएमसी कमिश्नर ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि मुंबई में पिछले 12 घटों के दौरान 325 मिलीमीटर बारिश हुई. कुछ जगहों पर तो 90 से 100 मिलीमीटर बारिश केवल एक घंटे के दौरान ही रिकॉर्ड की गई.

उन्होंने कहा कि बारिश से बने जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में बीएमसी कर्मचारियों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि पानी की निकासी के लिए लगभग ढाई सौ पंप लगाए गए हैं और क़रीब 425 लोगों को फ़ायर ब्रिगेड के लोगों ने ट्रेनों से उतारा तो वहीं रेलवे स्टेशन से भीड़ कम करने के लिए 146 स्पेशल बसें लगाई गईं.

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दक्षिण भारत में बाढ़ की विभीषिका

पिछले कुछ समय से समूचा दक्षिण एशिया तेज़ बारिश और बाढ़ से घिरा हुआ है और इसमें अब तक लगभग 1200 लोग मारे गए हैं.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उत्तरी भारत के बिहार में ही अकेले अब तक 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

दक्षिण एशिया में बाढ़ की विभीषिका से डेढ करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं.

मानसून के दौरान मुंबई में जलभराव कोई नई बात नहीं है. मंगलवार की बारिश के बाद उपजी स्थिति की स्थानीय लोग 2005 की बारिश के बाद की स्थिति से तुलना कर रहे थे. तब क़रीब 500 लोगों की मौत हो गई थी.

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मुंबई में बुधवार को छुट्टी

बुधवार की सुबह तक मुंबई की सड़कों पर बाढ़ की स्थिति नहीं थी. हालांकि स्कूलों और दफ़्तरों में छुट्टियां घोषित किए जाने की वजह से सड़कों पर छुट्टी जैसा माहौल था.

मंगलवार को जलभराव के दौरान जहां तहां फ़ंसे लोगों को कई कंपनियां खाना मुहैया कराने में जुटी थीं. वहीं प्रशासन उनके ठहरने की व्यवस्था में लगा रहा.

उधर लोगों ने ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस जलभराव के लिए नालों में प्लास्टिक फेंके जाने की वजह से जमे कूड़े को सबसे बड़ी वजह बताया.

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Image caption मौसम विभाग ने मुंबई में अभी और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है

अभी और होगी बारिश

भारी बारिश के कारण पहले से ही बाढ़ जैसे हालात व अन्य परेशानियों से जूझ रहे महाराष्ट्र के मुंबई सहित तटीय कोंकण क्षेत्र में इस सप्ताह और बारिश के आसार हैं जिससे आम जनजीवन अधिक प्रभावित हो सकता है.

मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को अपने पूर्वानुमान में कहा कि महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में इस हफ़्ते 'भारी बारिश' हो सकती है. आईएमडी के अनुसार उत्तरी कोंकण के जिलों में दूरदराज के इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है.

कोंकण क्षेत्र के पालघर, थाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में शनिवार तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना है.

आईएमडी के मुताबिक मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्र, पड़ोसी राज्यों गोवा, गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों में भी बुधवार से रविवार के बीच भारी बारिश के आसार हैं.

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