मेरा इस्तीफ़ा एक राजनीतिक फ़ैसला है: राजीव प्रताप रूडी

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साल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तीसरी बार कैबिनेट में फेरबदल की ख़बरों के बीच बुधवार की कई मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दिया.

इसमें कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी भी शामिल हैं.

बीबीसी से बातचीत में रूडी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने पर कहा, "ये राजनीतिक निर्णय है. पार्टी के अध्यक्ष का यह फ़ैसला है. हम भारतीय जनता पार्टी के सिपाही हैं. हम अपने काम को निष्ठा से निभाते हैं."

अपने कार्यकाल को कैसे देखते हैं पूछे जाने पर रूडी ने कहा, "ये कहीं भी परिभाषित नहीं है. यहां करोड़ों कार्यकर्ता हैं, जब जिसे जो काम मिलता है, जिसको मौका मिलता है वो काम करता है. मैंने अच्छा काम करने की कोशिश की."

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'अच्छा काम करने की गुंजाइश'

कौशल विकास मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को रूडी ने अच्छा बताया.

उन्होंने कहा, "कौशल विकास प्रधानमंत्री का सबसे महत्वाकांक्षी विषय है. इसे शुरुआती दौर में एक प्रकार से आकार देने में कठिनाई हुई. मुझे लगता है कि एक स्वरूप निकल कर आ गया है. आगे जो भी इस काम को देखेगा उसके पास बहुत अच्छा काम करने की गुंजाइश होगी."

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यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बिहार में कोई अहम जिम्मेदारी देने की बात हो रही है. उन्होंने कहा, "मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है और पार्टी जो भी तय करेगी मैं उसके साथ हूं."

राजीव प्रताप रूडी बिहार के सारण से बीजेपी सांसद हैं.

लक्ष्य हासिल करने का दबाव

इसी मुद्दे पर बीबीसी ने वरिष्ठ पत्रकार शेखर अय्यर से केंद्र सरकार में हो रहे बदलाव पर पूछा.

अय्यर ने कहा, "सरकार का आधा कार्यकाल ख़त्म हो चुका है. इसके पास लक्ष्य है कि वो कैसे अपनी छवि को और बेहतर बनाए. सरकार में प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों का आकलन किया जा रहा है.

सरकार के मंत्रालयों के सामने लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री जिस नतीजे को चाह रहे हैं उसे कैसे पाया जाए."

अय्यर ने कहा, "कौशल विकास को और आगे कौन ले जा सकता है. उन्हें लग रहा है कि अब तक उम्मीद से कम नतीज़े आए हैं. पिछले चुनाव अच्छे दिन के वादे के साथ लड़े गए थे. अगले चुनाव से पहले मतदाता अपने आप फील गुड करें. प्रधानमंत्री लंबे समय से प्रगति के नाम पर हर महीने समीक्षा कर रहे हैं."

(बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय से बातचीत पर आधारित)

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