जम्मू-कश्मीर में सरकारी बैनर पर लगी अलगाववादी नेता की तस्वीर, अधिकारी निलंबित

सरकारी बैनर पर आसिया अंद्राबी इमेज कॉपीरइट IRFAN KHAN

भारत प्रशासित कश्मीर में इंट्रीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेन्ट सर्विस के एक अधिकारी को अलगावादी नेता आसिया अंद्राबी की तस्वीर सरकारी कार्यक्रम के एक बैनर पर लगाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.

आरोप है कि बुधवार को दक्षिणी कश्मीर के कोकरनाग में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम में एक बैनर पर लगाया गया था जिसमें कश्मीर और देश के दूसरे हिस्सों की कामयाब महिलाओं की तस्वीरों को जगह दी गई थी.

इस बैनर में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती, इंदिरा गाँधी, किरन बेदी, कश्मीर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी रुवैदा सलाम, कश्मीर की आईएएस अधिकारी दीबा फरहत, अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला, टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा, कश्मीर की कवयित्री हबा खातून, मदर टेरेसा और लता मंगेशकर जैसी हस्तियों की तस्वीरें शामिल थीं.

कार्यक्रम में कौन थे मौजूद?

जिस कार्यक्रम में ये बैनर लगा था वहां कई विधायकों के अलावा पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

समाज कल्याण विभाग के मंत्री सज्जाद गनी लोन ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "आसिया अंद्राबी की तस्वीर बैनर में लगाने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी को निलंबित किया गया है और इस मामले में जाँच के आदेश दिए गए हैं."

उन्होंने लिखा, "आसिया अंद्राबी कश्मीर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत नहीं है. जिन भी अधिकारी ने उनकी तस्वीर लगाने की गलती की है उन्हें निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं."

'कश्मीर' में अल क़ायदा लड़ाकों की मौजूदगी का दावा

इस बयान में लोन केवल एक अधिकारी के निलंबन की बात कर रहे थे. लेकिन इंट्रीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेन्ट सर्विस, कश्मीर की डिप्टी डायरेक्टर रशीदा अख्तर ने दो अधिकारीयों को निलंबित किए जाने की पुष्टि की.

अख्तर ने बीबीसी को बताया कि विभाग के प्रोग्राम अफसर और प्रोजेक्ट अफसर को निलंबित कर जाँच के आदेश दिए हैं.

कौन हैं आसिया अंद्राबी ?

आसिया अंद्राबी जम्मी कश्मीर की एक कट्टरपंथी अलगाववादी नेता मानी जातीं हैं. वो पिछले करीब 6 महीने से पब्लिक सेफ्टी एकट के तहत जेल में हैं. पहले भी वो करीब बीस बार जेल जा चुकी हैं. इस एक्ट के तहत जेल जाने वाली अंद्राबी कश्मीर की पहली महिला हैं.

दुख़्तराने मिल्लत की चीफ़ आसिया ने इसी साल मार्च में एक सेमीनार का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने पाकिस्तान का झंडा लहराया था. इस पर विवाद उठने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था.

अंद्राबी के पति कासिम फक्तू भी पिछले 23 सालों से उम्र कैद की सज़ा काट रहे हैं.

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