प्रेस रिव्यू - गुजरात जातिवाद पर नहीं विकासवाद पर वोट देगाः अमित शाह

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Image caption भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कई मीडिया संस्थानों को साक्षात्कार दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि गुजरात इस बार जातिवाद पर नहीं बल्कि विकासवाद पर वोट देगा. अमित शाह ने कहा कि भले ही लोग कुछ भी कहें, लेकिन गुजरात में 'वाइब्रेंट गुजरात' की वजह से औद्योगिक विकास हुआ है. अमित शाह ने कहा कि जनता को मीडिया की रिपोर्टों से फ़र्क नहीं पड़ता है और भाजपा इस बार गुजरात में 150 सीटें जीत रही है. जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी को गुजरात में विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है तब उन्होंने कहा कि विरोध उनका होता है जो ज़मीन पर काम नहीं करते हैं. जैन-जनेऊ के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी बातें सिर्फ़ मीडिया कर रही है जनता नहीं.

वहीं द टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में अमित शाह ने सवाल उठाया है कि राहुल गांधी दिल्ली के मंदिरों में क्यों नहीं जाते हैं. अमित शाह ने ये भी कहा कि राहुल गांधी के धर्म को लेकर उठे विवाद के पीछे उनकी पार्टी नहीं है. अमित शाह ने ये भी कहा कि उनका परिवार छह पीड़ियों से हिंदू है. अमित शाह ने ये भी कहा कि 'हमें कांग्रेस के अचानक राहुल गांधी का जनेऊ दिखाने से कोई समस्या नहीं है, हम उम्मीद करते हैं कि उनकी मां को भी इससे कोई समस्या न हो.'

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दिल्ली का भयावह प्रदूषण

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप की अंतरिक्ष एजेंसी एएसए ने शुक्रवार को उपग्रहों से ली गई तस्वीरें जारी की हैं जिनमें भारत की राजधानी दिल्ली के ऊपर ख़तरनाक स्तर का प्रदूषण दिखाया गया है. ये तस्वीरें इस साल 10 नवंबर की हैं. दिल्ली में 6-14 नवंबर के बीच प्रदूषण का स्तर बेहद ख़तरनाक था.

आईआईटी छात्रों को नहीं मिलता करोड़ी पैकेज

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्राद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के छात्रों के लिए एक करोड़ रूपए से अधिक का सालाना वेतन पाना अब दूर की कौड़ी होता जा रहा है. एक ताज़ा विश्लेषण से पता चला है कि आईआईटी के छात्रों को मिलने वाले एक करोड़ रुपए से अधिक के पैकेज ख़बर तो बन जाते हैं, लेकिन सभी छात्रों को इतना वेतन नहीं मिल पाता है. एक अनुमान के मुताबिक आईआईटी के स्नातकों को औसत वेतन 8-10 लाख रुपए तक का सालाना वेतन ही मिलता है. भारत में इस समय 23 आईआईटी संस्थान हैं, लेकिन सात- मद्रास, मुंबई, खड़गपुर, दिल्ली, कानपुर, रुड़की और गुवाहाटी के आईआईटी को ही प्रमुख माना जाता है.

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