परेश मेस्ता की मौत की जांच सीबीआई को सौंपी गई

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कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले में हुई परेश मेस्ता की मौत की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. राज्य के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बीबीसी से बात करते हुए इसकी पुष्टि की.

राज्य के गृह मंत्री ने बताया कि ''हमने यह फ़ैसला भारतीय जनता पार्टी की मांग पर नहीं बल्कि परेश के पिता की मांग पर किया. उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी. बीजेपी पहले भी अफ़वाहें फैलाकर किसी मामले का राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश कर चुकी है. आईएएस अधिकारी डी के रवि की मौत के समय बीजेपी ने आरोप लगाया था कि उनकी हत्या की गई है, लेकिन सीबीआई की जांच में सामने आया कि उन्होंने ख़ुदकुशी की थी.''

दो दिन से लापता परेश की लाश एक टैंक में मिली थी जिसके बाद सोमवार को वहां हिंसा भड़क गई. हिंसा के मद्देनज़र ज़िले के कई हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू की गई थी जिसका बीजेपी और उसके सहयोगी दल लगातार उल्लंघन कर रहे हैं.

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Image caption परेश मेस्ता

'फ़िलहाल हालात नियंत्रण में'

इस घटना से ठीक पहले दो अलग समुदायों से ताल्लुक रखने वाले एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर और मोटरसाइकिल चालक के बीच विवाद हो गया था जिसके बाद से तनाव का माहौल था.

क़ानून-व्यवस्था देखने वाले एडीजीपी कमल पंत ने बीबीसी को बताया, "आज भी ज़िले के कई इलाक़ों में निषेधात्मक आदेश का उल्लंघन करने की कोशिश की गई, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं."

प्रदर्शनकारियों ने होन्नावर में सोमवार को आईजीपी की गाड़ी पर भी हमला कर दिया था. उनकी गाड़ी को आग लगा दी गई जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए.

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राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

बीजेपी का दावा है कि परेश मेस्ता पार्टी कार्यकर्ता थे और ये घटना जिहादी तत्वों द्वारा हिंदू कार्यकर्ताओं के ख़ात्मे की एक और कोशिश थी.

लेकिन पुलिस का कहना है कि परेश के बीजेपी कार्यकर्ता होने का कोई सबूत नहीं मिला है.

राज्य बीजेपी के महासचिव और सांसद शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि ''परेश को टॉर्चर किया गया और उनके चेहरे पर गरम तेल भी फेंका गया था.''

हालांकि पुलिस ने बीजेपी नेताओं के आरोपों और सोशल मीडिया पर फैली अफ़वाहों को ख़ारिज कर दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में परेश के शरीर पर कोई बाहरी घाव नहीं पाया गया.

पहचान छिपाने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हम उनकी मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं. हम हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं और मामले की जांच बारीकी से कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि मौत डूबने से हुई है."

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बीते कुछ महीनों में सांप्रदायिक हिंसा का चौथा मामला

बीजेपी ने राज्यपाल वजुभाई वाला को ज्ञापन सौंपकर एनआईए से जांच कराने की मांग की है. साथ ही पॉपुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया पर जिहादी हिंसा करने का आरोप लगाया है.

राज्य बीजेपी महासचिव शोभा करंदलाजे ने कहा, "परेश का शव जिस हालत में मिला और इस मामले में पुलिस के रवैये से साफ़ है कि सिद्धरमैया सरकार मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति कर रही है."

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Image caption कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

राज्य कांग्रेस के वर्किंग प्रेसीडेंट दिनेश गुंडुराव ने करंदलाजे के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि, "बीजेपी की परिवर्तन यात्रा का मक़सद राज्य के अलग-अलग इलाक़ों में हिंसा भड़काना है. कांग्रेस सरकार मामले की निष्पक्ष जांच करेगी और दोषियों को सज़ा दी जाएगी."

राज्य में बीते कुछ महीनों में हुई सांप्रदायिक हिंसा का यह चौथा मामला है. कर्नाटक का तटीय हिस्सा लंबे समय से सांप्रदायिक तौर पर संवेदनशील इलाका रहा है.

राज्य में अगले साल मई में चुनाव होने हैं.

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