क्या वोट देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोड़ी आचार संहिता?

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गुजरात विधानसभा चुनावों में अहमदाबाद के एक बूथ पर वोट देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस काफ़िले के साथ वहां से रवाना हुए, उस पर विवाद हो गया है.

गुजरात के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बी बी स्वेन ने कहा है कि प्रधानमंत्री का काफ़िला जांच के दायरे में है.

बीबीसी से बात करते हुए स्वेन ने कहा कि 'जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वोट देकर बूथ से निकले थे तो आचार संहिता की कमेटी वहां मौजूद थी, जो हर गतिविधि की वीडियोग्राफ़ी करती है.'

उन्होंने कहा, "हमने अहमदाबाद के ज़िला निर्वाचन पदाधिकारी से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है. लेकिन यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि वो 'काफ़िला' आचार संहिता का उल्लंघन था."

कांग्रेस ने इस पूरे वाक़ये को चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन बताया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के दबाव में काम कर रहा है.

राहुल के इंटरव्यू नोटिस से भी कांग्रेस नाराज़

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इतना ही नहीं, एक दिन पहले राहुल गांधी के एक टीवी इंटरव्यू पर नोटिस जारी करने के लिए भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए.

कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा, "ऐसा लगता है कि निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के दबाव में काम कर रहा है."

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "आज जब हमने चुनाव आयोग से अपनी शिकायत के बारे में पूछा तो कहा गया कि पांच बजे के बाद जवाब देंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त जो मोदी के पीएस की तरह काम करते थे, वो आज भी मोदी जी के पीएस की तरह की काम कर रहे हैं. ये चुनाव आयोग के लिए शर्म की बात है."

मैं सिर्फ़ तथ्यों पर बात करूंगा: निर्वाचन अधिकारी

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Image caption राहुल गांधी गुरुवार को केरल में हैं

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कठपुतली संस्थान भी कहा है. जब बीबीसी ने गुजरात के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बी बी स्वेन से इस पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

स्वेन ने कहा, "ये राजनीतिक बयान है. निर्वाचन कार्यालय का अधिकारी होते हुए मैं इस पर कैसे प्रतिक्रिया दे सकता हूं? मैं सिर्फ़ तथ्यों पर बात करूंगा."

उधर, रणदीप सुरजेवाला का कहना है, "केवल चुनाव आयोग ही इतना अंधा है कि उसे प्रधानमंत्री जी का रोड शो नज़र नहीं आता, अभी भी समय है, चुनाव आयोग जाग जाए."

मोदी की कठपुतली बन गया चुनाव आयोग: कांग्रेस

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Image caption गुजरात चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे

उन्होंने कहा, "बीजेपी की शिकायत पर 30 मिनट के भीतर निर्वाचन आयोग ने टीवी चैनल के ख़िलाफ़ एफ़आईआर के आदेश दे दिए. भारत के चुनाव आयोग ने देश के संविधान को नीचा दिखाने वाला काम किया है. इससे पता चलता है कि यह संस्था किस तरह भाजपा और नरेंद्र मोदी की कठपुतली बन गई है."

क्या प्रधानमंत्री की ओर से कथित आचार संहिता उल्लंघन मामले में किसी तरह की शिकायत आई है, इस सवाल पर स्वेन ने कहा कि अगर कहीं से भी शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी.

स्वेन ने कहा, "निर्वाचन आयोग हर तरह की शिकायत पर कार्रवाई करता है. अगर शिकायत आती है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी."

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राहुल गांधी को मिल चुका है आयोग का नोटिस

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इससे पहले बुधवार को चुनाव आयोग ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने पर रोक लगा दी थी.

बुधवार देर शाम जारी अपने आदेश में चुनाव आयोग ने कहा है कि इंटरव्यू दिखाने को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा.

चुनाव आयोग ने इंटरव्यू दिखाने वाले चैनलों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश भी दिया है.

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को 18 दिसंबर, शाम पांच बजे तक इस बात का जवाब देने को कहा है कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उनके ख़िलाफ़ क्यों न उचित कार्रवाई की जाए.

आयोग ने आगे कहा है कि अगर राहुल गांधी निर्धारित समय तक अपना जवाब नहीं देते हैं तो चुनाव आयोग इस मामले में उचित फ़ैसला लेगा.

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