गुजरात और हिमाचल चुनाव में अब तक की तस्वीर

चुनाव प्रचार इमेज कॉपीरइट SAM PANTHAKY/AFP/Getty Images

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती जारी है. शुरुआत में पोस्टल बैलट की गिनती की गई.

चुनाव आयोग से मिल रहे रुझानों के मुताबिक़ दोनों राज्यों में फ़िलहाल बीजेपी आगे चल रही है.

  • गुजरात की सभी सीटों के रुझान आ चुके हैं. एक सीट पर कांग्रेस और एक सीट पर बीजेपी ने कब्ज़ा जमा लिया है.
  • गुजरात की बाक़ी 180 सीटों में से 104 पर बीजेपी, 70 पर कांग्रेस, एक पर एनसीपी, दो पर भारतीय ट्राइबल पार्टी और तीन पर निर्दलीय आगे चल रहे हैं.
  • अहमदाबाद के जमालपुर-खड़िया विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता 60 फ़ीसदी से ज़्यादा हैं. यहां से कांग्रेस प्रत्याशी इमरान यूसुफ़भाई खेड़ावाला बीजेपी प्रत्याशी भूषण भट्ट से 25 हज़ार वोट से आगे चल रहे हैं.
  • अहमदाबाद के दरियापुर में भी कांग्रेस उम्मीदवार शेख गयासुद्दीन हबीबुद्दीन बीजेपी प्रत्याशी भारत बरोट से आगे चल रहे हैं. दोनों में मतों का फासला क़रीब सात हज़ार का है.
  • भरूच के वागरा विधानसभा क्षेत्र में भी मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में हैं. यहां भी कांग्रेस प्रत्याशी पटेल सुलेमानभाई मुसाबट बीजेपी प्रत्याशी अरुणसिंह राणा से आगे चल रहे हैं.
  • हिमाचल प्रदेश की भी सभी 68 सीटों के रुझान आ चुके हैं. एक सीट कांग्रेस ने जीत ली है और दो बीजेपी के खाते में गई हैं.
  • हिमाचल की बाक़ी 65 सीटों में से 41 पर बीजेपी, 20 पर कांग्रेस, एक पर सीपीएम और तीन पर निर्दलीय आगे चल रहे हैं.
  • हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सीएम कैंडिडेट प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर सीट पर कांग्रेस के राजिंदर राणा से दो हज़ार से भी ज़्यादा वोट से पीछे चल रहे हैं.
  • हिमाचल के मौजूदा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अरकी विधानसभा सीट पर बीजेपी के रतन सिंह पाल के मुक़ाबले तीन हज़ार वोट से आगे चल रहे हैं.
  • गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी राजकोट पश्चिम की सीट पर कांग्रेस के इंद्रनील राजगुरू के मुक़ाबले 21 हज़ार वोट से आगे चल रहे हैं.
  • कांग्रेस के टिकट पर राधनपुर से चुनाव लड़ रहे ओबीसी के नेता अल्पेश ठाकोर बीजेपी के लविंग जी ठाकोर से 12 हज़ार वोट से आगे चल रहे हैं.
  • गुजरात के वडगाम से निर्दलीय लड़ रहे दलित नेता जिग्नेश मेवाणी बीजेपी के विजय चक्रवर्ती से 12 हज़ार वोट से आगे चल रहे हैं.
इमेज कॉपीरइट Getty Images

गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं जिनके लिए 9 दिसंबर और 14 दिसंबर को दो चरणों में वोट डाले गए थे. कांग्रेस ने 182 सीट पर 176 उम्मीदवार उतारे हैं जबकि बीजेपी ने सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं.

हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं जिनके लिए सिर्फ़ एक चरण में नौ नवंबर को वोट डाले गए. हिमाचल प्रदेश का इतिहास रहा है कि वहां हर चुनाव में सरकार बदल जाती है. इस वक़्त राज्य में कांग्रेस की सरकार है जिसके मुखिया वीरभद्र सिंह छह बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

इमेज कॉपीरइट STR/AFP/Getty Images

2012 के मुक़ाबले कम वोटिं

गुजरात में पहले चरण में 93 सीटों के लिए 24,689 पोलिंग बूथ पर वोट डाले गए जिनमें 977 उम्मीदवारों की तक़दीर का फ़ैसला हुआ. इनमें से 57 महिलाएं हैं. पहले चरण में 68 फ़ीसदी वोट पड़े जो 2012 की तुलना में 2.7 फ़ीसदी कम है.

वहीं दूसरे चरण में 851 उम्मीदवार खड़े हुए जिनमें से 69 महिलाएं हैं. दूसरे चरण का मतदान 25,558 पोलिंग स्टेशनों पर किया गया जिसमें 68.7 फ़ीसदी मतदान हुआ. ये आंकड़ा भी 2012 की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम रहा.

गुजरात भारत के उन राज्यों में है जहां शहरी सीटों की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में काफ़ी अधिक है, मिसाल के तौर पर अकेले अहमदाबाद में 21, सूरत में 16, वडोदरा में 10, राजकोट में आठ और भावनगर में सात विधानसभा सीटें हैं.

इमेज कॉपीरइट SAJJAD HUSSAIN/Getty Images

किन सीटों पर रहेगी नज़र?

मणिनगर, राजकोट पश्चिम, वडगाम, मेहसाणा, राधनपुर, सूरत और भावनगर पश्चिम इस चुनाव की कुछ अहम सीटें मानी जा रही हैं.

मणिनगर वह सीट है जहां से 2014 तक नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ते थे. उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में सुरेशभाई धनजीभाई पटेल ने इस सीट से चुनाव लड़ा और जीते. हालांकि सुरेशभाई ने महज़ 18,037 वोटों से जीत हासिल की थी जबकि नरेंद्र मोदी 2012 में इसी सीट से 86 हज़ार से भी ज़्यादा वोटों से जीते थे.

इस बार भी बीजेपी ने मणिनगर सीट से सुरेशभाई को ही उतारा है. जबकि कांग्रेस ने उनके सामने विदेश से पढ़कर आई श्वेता ब्रह्मभट्ट को खड़ा किया है.

राजकोट पश्चिम की सीट इसलिए अहम है क्योंकि यहां से मौजूदा मुख्यमंत्री विजय रूपाणी चुनाव लड़ रहे हैं. सौराष्ट्र की सबसे बड़ी विधानसभा राजकोट पश्चिम की इस सीट को भाजपा की सबसे सुरक्षित सीट भी माना जाता है क्योंकि 1985 से ही इस पर भाजपा काबिज रही है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

बीजेपी को चुनौती देने वाले तीन युवा नेताओं में से एक जिग्नेश मेवाणी वडगाम से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. बनासकांठा की वडगाम की सीट को कांग्रेस के लिए सुरक्षित सीट माना जाता है, लेकिन इस बार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार न उतारकर, बाहर से मेवाणी का समर्थन करने का फ़ैसला किया है. वडगाम सीट पर बीजेपी ने विजय चक्रवर्ती को उतारा है.

सूरत इस चुनाव में इसलिए अहम है क्योंकि 2015 में सूरत के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को 36 सीटों पर जीत मिली थी. यहां पाटीदारों का ख़ासा दबदबा है और हार्दिक पटेल ने यहां कई रैलियां की हैं. बताया जा रहा है कि 12 विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर बीजेपी को मुश्किल हो सकती है.

इमेज कॉपीरइट AICC

राधनपुर से अल्पेश, मेहसाणा से नितिन पटेल मैदान में

युवा तिकड़ी के दूसरे नेता अल्पेश ठाकोर राधनपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. भाजपा ने उनके ख़िलाफ़ 62 साल के ओबीसी प्रत्याशी लविंग जी ठाकोर को खड़ा किया है.

पाटीदार आंदोलन के गढ़ रहे मेहसाणा सीट पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने पहले ही एलान कर दिया था कि वो मेहसाणा से मैदान में उतरेंगे. कांग्रेस ने यहां से जीवाभाई पटेल को उतारा है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू वघानी भावनगर पश्चिम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस ने यहां से दिलीप सिंह गोहिल को उतारा है.

इसके अलावा वलसाड की सीट पर भी सभी की नज़र रहेगी क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस सीट से जो भी प्रत्याशी जीतता है, राज्य में सरकार उसी की पार्टी की बनती है.

वलसाड सीट पर भाजपा से भरत पटेल और कांग्रेस से नरेंद्र टंडेल चुनाव लड़ रहे हैं. भरत पटेल ही यहां से वर्तमान विधायक हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

गुजरात में पिछले 22 साल से भाजपा का राज है

जनता दल से अलग हुई भाजपा ने 1995 के विधानसभा चुनाव में आर्थिक रूप से पिछड़ों और पटेल समुदाय के समर्थन से सत्ता हासिल की. बीजेपी ने 182 सीटों में से 121 सीटें जीती. भाजपा की पहली जीत के बाद केशुभाई पटेल मुख्यमंत्री बने, लेकिन वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके.

राज्य के 22वें मुख्यमंत्री बने नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बनने तक लगातार 13 साल तक इस पद पर बने रहे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)