प्रेस रिव्यू: सऊदी से आकर दिग्गज बीजेपी नेता को हराया

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Image caption प्रकाश राणा

हिमाचल प्रदेश की जोगिंदर नगर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश राणा ने बीजेपी के दिग्गज नेता गुलाब सिंह ठाकुर को हराया है. 30 साल सऊदी अरब में रहने के बाद राणा हिमाचल लौटे हैं. उन्होंने वहां अपना करोड़ों का बिज़नेस स्थापित किया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी ख़बर के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के राणा मंडी ज़िले के गोलवां गांव के रहने वाले हैं. वह दो साल पहले सऊदी अरब से अपने गांव वापस लौटे थे और यहां आने के बाद उन्होंने कई प्रकार से स्थानीय लोगों की मदद की.

राणा के एक करीबी रिश्तेदार सुरिंदर भारद्वाज का कहना है कि राणा की परिवहन, ज्वैलरी और ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री में अपनी ख़ुद की कंपनियां है. चुनाव आयोग को दिए हलफ़नामे में उन्होंने अपनी 16.9 करोड़ रुपये चल संपत्ति बताई थी.

राणा ने गुलाब सिंह ठाकुर को हराया है जो मंत्री रह चुके हैं और वह बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के ससुर भी हैं.

प्रकाश राणा कहते हैं, "मैं अपने गांव के लोगों की सेवा करने आया हूं. मेरा बिज़नेस अब मेरा बेटा संभाल रहा है. जिस दिन से मैंने कमाना शुरू किया था उसी दिन से अपनी कमाई का 10 फ़ीसदी दान करना शुरू कर दिया था."

उनके पास अपना हेलिकॉप्टर भी है और अपने विशाल घर के नज़दीक उन्होंने हेलीपैड भी बनवाया हुआ है. वह कहते हैं कि उन्होंने चुनाव पैसों के लिए नहीं बल्कि अपने क्षेत्र के विकास के लिए लड़ा है.

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क्रिसमस पर न लें पैसा

हिंदू जागरण मंच ने उत्तर प्रदेश में अपनी ज़िला इकाइयों से कहा है कि वह निजी स्कूलों का दौरा कर चेतावनी दें कि वे क्रिसमस के जश्न के लिए हिंदू छात्रों से पैसा न लें.

इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर छपी है कि मंच ने यह भी कहा है कि क्रिसमस के कार्यक्रम में छात्रों के उपस्थित रहने की अनिवार्यता भी न किया जाए. उसका आरोप है कि इसके ज़रिए स्कूल ईसाइयत को बढ़ावा देते हैं.

इस आदेश को नहीं माना गया तो मंच ने स्कूल के बाहर अपने कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने के लिए कहा है. हालांकि, सरकार का कहना है कि उसे ऐसे किसी 'आदेश' के बारे में कुछ मालूम नहीं है.

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राज्यसभा में नहीं बढ़ेगा एनडीए का दबदबा

गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद फ़िलहाल राज्यसभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को अभी बहुमत नहीं मिल पाएगा.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले ऊपरी सदन में एनडीए की संख्या नहीं बढ़ने वाली है. एनडीए की इस समय 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में 76 सीटें हैं.

अभी से जून 2018 तक 13 राज्यों से राज्यसभा की 65 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. जिन में उत्तर प्रदेश (नौ सीटें), महाराष्ट्र (छह सीटें), मध्य प्रदेश (पांच सीटें) और राजस्थान (तीन सीटें) जैसे बीजेपी शासित राज्यों में भी चुनाव होने हैं.

इन चुनावों में एनडीए को 10 सीटें मिलने की संभावना है जिसके बाद भी उसकी कुल सीटों की संख्या 86 हो पाएगी और बहुमत का आंकड़ा 123 है.

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Image caption जेपी नड्डा

हिमाचल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री

हिमाचल प्रदेश में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जय राम ठाकुर को देखा जा रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया लिखता है कि अगर बीजेपी धूमल की जगह किसी राजपूत नेता की खोज करती है तो पांच बार के विधायक जय राम ठाकुर पसंद होंगे.

चुनाव में बीजेपी अवश्य जीती है लेकिन राज्य के उसके कई नेता हार गए हैं. इसे देखते हुए ठाकुर को संभावना के रूप में देखा जाता है.

वहीं, हिमाचल में मंत्री रह चुके केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को भी उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है. नड्डा को ऐसा योग्य व्यक्ति समझा जाता है जो हर विवाद से दूर रहते हैं.

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Image caption अमनमणि त्रिपाठी

विधायक ने हाथ जोड़कर मांगी सुरक्षा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार अमनमणि त्रिपाठी ने हाथ जोड़कर अपनी लिए सुरक्षा की मांग की.

इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि अमनमणि का कहना है कि उन्हें गोरखपुर के हिस्ट्रीशीटर गुंडों से जान का ख़तरा है.

महाराजगंज ज़िले के नौतनवा से विधायक अमनमणि समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं जो अपनी पत्नी के साथ मधुमिता शुक्ला हत्या मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे हैं. अमनमणि पर अपनी पत्नी सारा सिंह की हत्या का भी आरोप है.

विधानसभा स्पीकर हृदय नारायण दीक्षित ने अमनमणि को बिना नोटिस के बोलने की आज्ञा नहीं दी थी लेकिन वह सदन के वेल में गए और कहा कि उन्हें सुना जाना चाहिए.

स्पीकर की अनुमति के बाद उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है और उन पर हत्या का आरोप है. उन्होंने कहा कि उनके ख़िलाफ़ झूठा मामला दर्ज किया गया है और उनकी जान को ख़तरा है.

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