ईसाई मिशनरी कॉलेज में भारत माता की आरती की मांग को लेकर विवाद

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मध्यप्रदेश के विदिशा में हिंदू संगठन, ईसाई मिशनरी के एक कॉलेज में भारत माता की पूजा करना चाहते हैं. कॉलेज प्रबंधन इसके लिए तैयार नहीं है जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

विदिशा के सेंट मेरीज़ पीजी कॉलेज को एक ईसाई मिशनरी संचालित करती है. इस कॉलेज में पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्याथी परिषद् (एबीवीपी) और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पहुंच गए और भारत माता की पूजा करने की मांग करने लगे.

इन संगठनों ने धमकी दी है कि वे गुरुवार को कॉलेज में भारत माता की आरती करेंगे.

भारतीय जनता युवा मोर्चा के विदिशा के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया, "हम शहर के हर स्थान पर भारत माता की आरती कर रहे हैं. हम इस कॉलेज में भी यही करना चाहते थे लेकिन प्रबंधन ने हमें इसकी इजाज़त नही दी. यह बिल्कुल ग़लत है. कॉलेज प्रबंधन कह रहा है कि ऊपर से आदेश आए तब ही इसकी इजाज़त दी जा सकती है."

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Image caption कॉलेज ने पुलिस को लिखा खत

कॉलेज ने सुरक्षा की मांग की

कॉलेज ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है. साथ ही सुरक्षा की मांग भी की है.

फ़ादर बीजू टोटनकारा के मुताबिक़, "यह अल्पसंख्यकों की संस्था है और जिस तरह से यहां पर भारत माता की आरती करने की कोशिश की जा रही है, वो ग़लत है. शिक्षा संस्थान में पढ़ाई करनी चाहिए न कि इस तरह का विवाद."

फ़ादर बीजू बताते हैं कि प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

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'नहीं कर सकता कोई मनमानी'

विदिशा के पुलिस अधीक्षक विनीत कपूर ने बीबीसी को बताया,"हम किसी भी तरह से इसकी इजाज़त नहीं देंगे. क़ानूनी तौर पर भी कोई संगठन इस तरह की मनमानी नहीं कर सकता है."

विनीत कपूर के मुताबिक़, "प्रशासन संस्था को पूरी सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है और जो भी क़ानूनी तौर पर मुमकिन होगा वो किया जाएगा."

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Image caption सांकेतिक तस्वीर

ईसाई-हिंदू तनाव की पहली घटना नहीं है

मध्य प्रदेश में ईसाइयों के साथ तनाव की यह पहली घटना नहीं है.

पिछले साल दिसंबर में सतना पुलिस ने एक ईसाई को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

यह गिरफ़्तारी हिंदू संगठनों के आरोप के बाद हुई जिनका कहना था कि ईसाइयों ने एक हिंदू व्यक्ति को धर्म बदलने के लिए पैसा दिया.

ईसाई समुदाय ने आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि वे गांव में सिर्फ़ कैरोल गाने गए थे.

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विदिशा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र है.

कॉलेज की देखरेख करने वाली मिशनरी को यक़ीन है कि प्रशासन मामले को हाथ से बाहर नहीं जाने देगा.

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