मॉनसून में देरी, गर्मी का प्रकोप जारी

मानसून
Image caption मानसून की देरी का असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है

उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है और मॉनसून में देरी के कारण अभी इससे राहत मिलने के आसर नज़र नहीं आ रहे. दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य गर्मी की चपेट में है और पारा 40 के पार बना हुआ है. इस बार बारिश कम होने की आशंका के कारण केंद्र सरकार भी चिंतित है. केंद्र सरकार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और चर्चा करने के लिए गुरुवार को दो अहम बैठकें हो रही हैं. जिन राज्यों में बारिश के कारण पानी की कमी हैं, उन राज्यों के कृषि सचिव दिल्ली में मिल रहे हैं. वहीं चंडीगढ़ में भी एक बैठक है जहाँ भाखड़ा नंगल डैम के अधिकारी कम होते जलस्तर से उपजे हालात पर चर्चा करेंगे. केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय में इस बारे में नियमित चर्चा होगी.

चिंता की लकीरें

कम बारिश का सबसे बुरा असर कृषि पर पड़ेगा और किसानों का इसका खामियाज़ा भुगतना होगा. आशंका जताई जा रही है कि भारतीय अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित होगी. रॉयटर्स के मुताबिक भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी से राहत नहीं मिलेगी और स्थिति ऐसी ही बने रहने की आशंका है. मौसम विभाग के बीएम यादव ने कहा, "उत्तर-पूर्व भारत में अभी गर्मी से निजात नहीं मिलेगा. तापमान 44 से 45 डिग्री तक रहेगा. ऐसा चार-पाँच तक चलेगा." रिपोर्टों के मुताबिक उड़ीसा में गर्मी के कारण 57 लोगों की मौत हो चुकी है. पीटीआई के मुताबिक सरकार ने 57 मौतों की पुष्टि की है लेकिन ग़ैर अधिकारिक संख्या 181 है. ऐसे में सबकी निगाहें मॉनसून पर लगी हैं. पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून पंद्रह जून के आस-पास आ जाता है लेकिन अब तक मानसून यहाँ नहीं पहुंचा है.

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