मुंबई: कई इलाकों में अचानक हुआ हमला

मुंबई पर हमला
Image caption डेकन मुजाहिदीन नामक संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली.

भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई पर बुधवार रात अब तक का सबसे बड़ा चरमपंथी हमला हुआ.

पूरी मुंबई के कई इलाक़ों में छोटे-छोटे ग्रुपों में चरमपंथियों ने गोलियाँ और बम बरसाने शुरू कर दिए. इससे पूरी मुंबई में अफ़रातफ़री फैल गई. छत्रपति शिवाजी स्टेशन, ताज होटल, ओबरॉय होटेल, मेट्रो सिनेमा, डॉक, विले पार्ले समेत कई इलाक़ों में एक ही समय पर हुई सिलसिलेवार गोलीबारी हुई और कई जगह धमाके हुए. अब तक इस हमले में 101 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है जबकि लगभग 287 लोग घायल हैं.

विभिन्न समाचार माध्यमों को भेजे ईमेल में डेकन मुजाहिदीन नामक संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली. पुलिस का कहना है कि इन सुनियोजित हमलों में कई जगहों पर लोगों को बंधक बनाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार सुबह तक भी अनेक लोग वहाँ फँसे हुए थे और कम से कम तीन जगहों पर मुठभेड़ सुबह भी चल रही थी. इन मुठभेडों में आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे सहित पाँच बड़े अधिकारियों से समेत कुल 14 पुलिसकर्मी मारे गए हैं. पुलिस का कहना है कि विभिन्न मुठभेड़ों में पाँच चरमपंथी भी मारे गए हैं और नौ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है. मुंबई की ऐतिहासिक ताज होटल की ऊपरी मंज़िल पर आग लग गई थी और फ़ायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने कुछ लोगों को वहाँ से बाहर निकाला. केंद्र की ओर से दो सौ एनएसजी कमांडो और सेना के 50 कमांडो को मुंबई भेजा गया. इसके अलावा सेना की पाँच टुकड़ियों को वहाँ भेजा गया और नौसेना को सतर्क रहने को कहा गया है.

सुनियोजित हमला

जब हमलों की शुरुआत हुई तो मुंबई में अफ़रातफ़री मच गई और कई घंटों तक कोई भी यह बताने की स्थिति में नहीं था कि आख़िर मामला क्या है.

Image caption टीवी चैनलों का कहना है कि यह तस्वीर गोलीबारी के दौरान सीएसटी रेलवे स्टेशन पर ली गई है

टेलीविज़न पर दिखाई गई तस्वीरों में पुलिस अधिकारियों को सड़क पर हाथ में रिवॉल्वर और बंदूक लिए गाड़ियों की तलाशी लेते हुए दिखाई पड़े. मुंबई पुलिस ने इसे 'सुनियोजित आतंकवादी हमला' बताया है. पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने हथगोलों और एके-47 जैसी स्वचलित बंदूकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि जानकारी मिली है कि हमलावर नौकाओं के ज़रिए मुंबई पहुँचे थे. महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को स्कूल कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है और लोगों से कहा है कि वे सावधानी बरतें और पुलिस को उसका काम करने में सहयोग दें. विस्फोट से ओबरॉय होटल की लॉबी और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए.एक प्रत्यक्षदर्शी परेरा लेसली ने बीबीसी से हुई बातचीत में बताया कि रात नौ बजकर पचास मिनट पर दो युवकों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के भीतर दो बम विस्फोट किए. उनका कहना है कि इसके बाद वहाँ धुँआ फैल गया और फिर वे ऑटोमेटिक बंदूक से गोलियाँ चलाने लगे. जबकि मँझगाँव में एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी सलाम काज़ी ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने एक टैक्सी में विस्फोट होता देखा और टैक्सी में सवार तीन लोगों की मौत हो गई. उनका कहना है कि आसपास कई लोग इस विस्फोट से घायल हो गए. इसके अलावा कई लोगों में बताया कि उन्होंने जगह-जगह गोलियाँ चलने की आवाज़ें सुनी.

कमांडो रवाना

केंद्रीय शिवराज पाटिल ने देर रात दिल्ली में पत्रकारों से हुई चर्चा में बताया कि केंद्र सरकार ने 200 एनएसजी कमांडो को मुंबई पुलिस की सहायता के लिए रवाना किया गया. उन्होंने बताया कि इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस सहायता की माँग पर सेना के 50 कमांडो और सेना की पाँच टुकड़ियाँ वहाँ रवाना की गई हैं. उन्होंने बताया कि सेना और नौसेना को तैयार रहने को कहा गया है. केंद्रीय गृहमंत्री का कहना था कि महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक से लेकर मुंबई के पुलिस कमिश्नर तक सभी छोटे बड़े अधिकारी घटनास्थल पर हैं और कार्रवाई का दिशा निर्देशन कर रहे हैं. उनका कहना था कि पुलिस कमिश्नर से मिली जानकारी के अनुसार कई जगह चरमपंथी घुसे हुए हैं और उनके पास अत्याधुनिक हथियार हैं. शिवराज पाटिल के अनुसार चरमपंथियों ने कई जगह अंधाधुंध गोलियाँ चलाई हैं. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि अभी यह अनुमान लगाना ठीक नहीं होगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन है.