अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी कमांडर की मौत

सैनिक
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में बड़ी संख्या में विदेशी सैनिक तैनात हैं

ब्रितानी सरकार ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में बुधवार को मारा गया सैनिक 1982 के बाद से लड़ाई में मारा गया सबसे उच्च ब्रितानी अधिकारी है.

लेफ़्टिनेंट कर्नल रुपर्ट थॉर्नेलो समेत दो ब्रितानी सैनिक बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए थे.

लेफ़्टिनेंट कर्नल थॉर्नेलो वेल्श गार्ड की फ़र्स्ट बटालियन के कमांडिंग अफ़सर थे.हेलमंद प्रांत में उनकी बख़्तरबंद गाड़ी आईइडी से उड़ा दी गई थी.

आईइडी से ब्रितानी सैनिकों को ख़तरा लगातार बढ़ रहा है. बीबीसी संवाददाता कैरोलाइन कहती हैं कि हालांकि सैनिक बड़ी बख़्तरबंद गाड़ियाँ इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन तालेबान उतने ही बड़े विस्फोटक इस्तमाल करता है.

लेफ़्टिनेंट कर्नल थॉर्नेलो ऑपरेशन क्लॉ में तैनात जवानों से मिलने जा रहे थे. ये अभियान लश्कर गाह से तालेबान को खदेड़ने के लिए चलाया जा रहा है

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इस बात को लेकर सवाल उठाए जाएँगे कि सैनिक ऐसे वाहन से क्यों जा रहे थे जिसे कम ख़तरे वाले इलाक़े में ही इस्तेमाल किया जाना है.

अफ़ग़ानिस्तान में स्थिति

बुधवार को जोशुआ हैमंड नाम के सैनिक की भी मौत हो गई थी. एक हफ़्ते बाद ही उनका 19वां जन्मदिन था.

इस हफ़्ते ही अलग अलग अभियानों में 25 ब्रितानी सैनिक घायल हुए हैं.

हेलमंद में इस समय अमरीकी और अफ़गान सैनिक बड़ा अभियान छेड़े हुए हैं.

अगस्त में अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और इसे देखते हुए वहाँ हज़ारों की संख्या में सैनिक भेजे गए हैं ताकि सुरक्षा प्रदान की जा सके.

इस बीच एक बड़े सरकारी विरोधी कमांडर ने कहा है कि उसके गुट ने पाकटिका प्रांत में एक अमरीकी सैनिक को अगवा कर लिया है.

अमरीकी सेना का कहना है कि सैनिक को छुड़ाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. वो तीन दिन पहले लापता हो गया था.

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