न्यायिक जाँच के आदेश

गुजरात में हूच के मरीज़
Image caption पुलिस के मुताबिक अबतक ज़हरीली शराब से मरनेवालों की संख्या 72 हो गई है

गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद में ज़हरीली शराब से मरनेवालों की संख्या 96 हो गई है.

अहमदाबाद से स्थानीय पत्रकार महेश लंगाह के अनुसार गुजरात के क़ानून-व्यवस्था के सचिव जीसी मुरमू ने इसकी पुष्टि की है. पुलिस ने बताया है कि ज़हरीली शराब का सेवन करने वाले अनेक लोगों का इलाज अहमदाबाद के विभिन्न अस्पलातों में चल रहा है. इनमें से कई की हालत नाज़क बनी हुई है.

पुलिस ने ग़ैरक़ानूनी शराब के धंधे में संलिप्त लोगों की धरपकड़ शुरू कर दी है. ऐसे 100 लोगों को हिरासत में लिया है जिनपर इस गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है.

इस बीच सरकार ने इस घटना के कारणों की तलाश के लिए एक सेवानिवृत्त जज कमल मेहता के नेतृत्व में जाँच आयोग का गठन किया है. जाँच आयोग में उनके अलावा चार लोगों होंगे जिनमें गुजरात पुलिस के पूर्व महानिदेशक जीसी रायगर शामिल हैं.

जाँच आयोग से कहा गया है कि वह 30 नवंबर से पहले-पहले अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपे. फ़िलहाल इस पूरे मामले की जाँच अहमदाबाद क्राइम ब्राँच भी कर रही है.

पुलिस वालों का निलंबन

बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक एसएस खंडेलवाल ने जानकारी दी थी कि इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है जिसमें दो पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं.

उनका कहना था कि ज़्यादातर प्रभावित लोगों का संबंध मजूर गाम और ओढव इलाक़े से है और अधितर मौतें भी उसी इलाक़े के लोगों की हुई हैं.

कांग्रेस ने बुधवार को विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर ख़ूब हंगामा किया और नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की थी.

इसके बाद 14 विधायकों को एक दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया था.

कांग्रेस सदस्यों का आरोप था कि गुजरात में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद ये खुलेआम बिक रही है.

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