'अभद्र टिप्पणी' पर न्यायिक हिरासत में

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

संसद में भी इस मामले की गूँज सुनाई दी. हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है.

मायावती ने इस मामले पर प्रेस को संबोधित किया और कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी है.

रीता बहुगुणा जोशी को बुधवार रात को ग़ाज़ियाबाद से गिरफ़्तार किया गया था. ग़ाज़ियाबाद के पुलिस अधीक्षक अखिल कुमार ने बताया कि गिरफ़्तारी के बाद रीता जोशी को मुरादाबाद भेजा गया. उनके ख़िलाफ़ एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं.

गिरफ़्तारी के बाद देर रात को लखनऊ स्थित रीता जोशी के आवास को निशाना बनाया गया. कुछ लोगों ने उनके घर को आग लगा दी और तोड़- फोड़ की. कांग्रेस का आरोप है कि तोड़ फोड़ बसपा के कार्यकर्ताओं ने की.

घर के बाहर खड़ी गाड़ी को भी आग लगा दी गई. आगज़नी से पूरे घर को नुकसान पहुँचा है और कई सामान जल कर ख़ाक हो गए.

कांग्रेस ने रीता बहुगुणा की गिरफ़्तारी और उनके घर को आग लगाए जाने की कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सत्ता की छत्रछाया में इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं. समाजवादी पार्टी ने मायावती सरकार को बर्ख़ास्त करने की माँग की है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "ये एकदम जंगलराज हो गया है. रीता जी अपने बयान के लिए माफ़ी माँग चुकी है. उन्होंने जो कहा वो सही नहीं है लेकिन ये भी देखना चाहिए कि उसका परिपेक्ष क्या है. पर फिर भी किसी को ये हक़ नहीं कि उनके घर को जला दिया जाए. सरकार क़ानूनी क़दम उठाना चाहती है तो उठाए"

आगज़नी

Image caption रीता बहुगुणा जोशी के घर को आग लगा दी गई

उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक रीता जोशी को गुरुवार मध्य रात ग़ाज़ियाबाद में दलित उत्पीड़न की कई धाराओं में गिरफ़्तार किया गया.

रीता बहुगुणा जोशी का घर मुख्यमंत्री कार्यालय से चंद क़दमों की दूरी पर है और आस-पास सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम होते हैं. पुलिस ने हमलावरों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की और वे भाग गए.

पुलिस अफ़सरों का कहना है कि अब उनके इलाहाबाद और लखनऊ स्थित घर पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव का कहना है कि घटना से पहले रात करीब नौ बजे पुलिस के कुछ लोग आए थे और जोशी के घर से उनके कुछ कर्मचारियों को ज़बर्दस्ती उठा ले गए थे.

सुबोध श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि ये सारी कार्रवाई मुख्यमंत्री मायावती के इशारे पर की गई है.

गिरफ़्तारी के समय रीता जोशी मुरादाबाद से दिल्ली जा रही थीं और उन्हें रास्ते में गाजियाबाद में गिरफ़्तार कर लिया गया.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल के मुताबिक रीता जोशी बहुगुणा ने मुरादाबाद में एक गाँव में उत्तेजनात्मक भाषण देते हुए मुख्यमंत्री मायावती के लिए अपशब्द कहे थे जिसके लिए उनके ख़िलाफ़ मझोला थाने में मुक़दमा दर्ज किया गया था और उसी सिलसिले में उनकी गिरफ़्तारी हुई.

रीता जोशी ने अपने भाषण में इस बात का उल्लेख किया था कि जब किसी दलित महिला के साथ बलात्कार होता है तो पुलिस महानिदेशक बिक्रम सिंह मुरादाबाद, मथुरा और दूसरे जिलों में हेलीकॉप्टर से जाते हैं और 25 हज़ार रूपए का मुआवज़ा देते हैं जबकि उनके हेलीकॉप्टर पर सात लाख का खर्च आता है.

इसी भाषण में रीता बहुगुणा ने कथित तौर पर मायावती के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.

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