पाक के साथ वार्ता से इनकार

मनमोहन-गिलानी मुलाक़ात

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ तब तक औपचारिक बातचीत नहीं हो सकती जब तक कि मुंबई पर हमले दोषियों को सज़ा नहीं मिल जाती.

साझा बयान के बाद पत्रकारों से बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा कि नवंबर, 2008 में भारत के मुंबई शहर में हुए चरमपंथी हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.

उनका ये बयान भारत पाकिस्तान के साझा बयान के एकदम उलट है जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत के सिलसिले को आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बीच गुरुवार को गुट निरपेक्ष सम्मेलन के दौरान मिस्र के शहर शर्म अल शेख में एक अहम बैठक हुई थी.

उलट बयान

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई थी कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए एक बड़ा ख़तरा है और दोनों नेताओं ने इस सिलसिले में एक दूसरे की मदद करने की प्रतिबद्धता जताई थी.

नवंबर, 2008 में भारत के मुंबई शहर में हुए चरमपंथी हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.

मनमोहन सिंह

दोनों देशों ने ये स्वीकार किया था कि केवल बातचीत के ज़रिए ही आगे बढ़ा जा सकता है.

भारतीय प्रधानमंत्री ने तब ये कहा था कि सभी अहम मुद्दों पर भारत पाकिस्तान से बातचीत के लिए तैयार हैं.

इस बातचीत में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने पश्चिमोत्तर प्रांत में चरमपंथी गतिविधियों के पीछे भारत का हाथ होने की ख़ुफ़िया रिपोर्टों का ज़िक्र किया था.

इस पर मनमोहन सिंह ने बाद में कहा था कि भारत का इस मसले से कोई लेना-देना नहीं है और अगर उनके पास कोई सबूत हैं तो वे सामने लाएँ.

पिछले साल हुए मुंबई हमलों के बाद ये भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बीच दूसरी अहम बैठक थी.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.