इराक़ में 'जयपुर फ़ुट' का शिविर

जयपुर फ़ुट
Image caption जयपुर फ़ुट ने दुनिया के कई देशों में विकलांगों को चलने-फिरने के क़ाबिल बनाया है

युद्धग्रस्त इराक़ में हिंसा के दौरान अपने पैर गवाँ चुके लोगों के लिए अच्छी ख़बर है क्योंकि वे जल्द ही 'जयपुर फ़ुट' की मदद से चल सकेंगे.

दुनियाभर में विकलांगों को कृतिम पैर 'जयपुर फ़ुट' की मदद से चला चुकी 'भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति' का एक दल 21 जुलाई को इराक़ जा रहा है जो वहाँ शिविर लगाने के लिए आवश्यक तैयारियों का जायज़ा लेगा.

उधर पाकिस्तानी डॉक्टरों ने भी इस काम में हाथ बटाने की पेशकश की है.

समिति के संस्थापक डीआर मेहता ने बीबीसी को बताया कि इराक़ के एक ग़ैर सरकारी संगठन ने समिति को बुलावा भेजा है और उसी के तहत समिति के सलाहकार डॉक्टर एमके माथुर बग़दाद जा रहे हैं.

मेहता का कहना है, ''हम पहले शिविर में कमसे कम एक हज़ार लोगों को जयपुर फ़ुट लगाना चाहते है. इसके बाद और भी शिविर लगाएजाएंगे, क्योंकि वहां इसकी बहुत ज़रूरत है."

ज़िदगी का सहारा

इस समिति ने पिछले कुछ वर्षों में हिंसाग्रस्त लेबनान में भी शिविर लगाकर अपाहिज लोगों को जयपुर फ़ुट के सहारे खड़ा किया और उनकी ज़िन्दगी को सामान्य बनाने में बड़ी मदद की है.

मेहता कहते हैं, "लेबनान में हमें एक सांसद ने इराक़ के विकलांगों की पीड़ा बताई थी और आग्रह किया था कि वहां भी अपाहिज लोगों को जयपुर फ़ुट उपलब्ध कराए जाएं. इसके बाद हमसे इराक़ के एक संगठन ने संपर्क किया और वहां आने का निमंत्रण दिया."

इस समिति ने हाल में पाकिस्तान में भी विकलांगों के लिए शिविर लगाया था और अनेक लोगों को जयपुर फ़ुट की मदद से चलने की ताक़त दी थी.

समिति के मदद से वहां जयपुर फ़ुट के दो केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, एक कराची और दूसरा इस्लामाबाद में स्थित है.

इन शिविरों से जुड़े डॉक्टरों ने समिति से इराक़ में जयपुर फ़ुट लगाने के काम हाथ बटाने की इच्छा ज़ाहिर की है.

अगर ऐसा होता है तो भारत और पाकिस्तान के दो हाथ एक जंग से जर्जर हुए मुल्क इराक़ में अपाहिज ज़िंदगियों को चलने का सहारा देते हुए दिखेंगे.

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