जाति पंचायत के मुद्दे पर तनाव बढ़ा

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Image caption भारत में जाति पंचायतों का प्रभुत्व देखने को मिलता रहा है

हरियाणा के झज्जर ज़िले के गांव ढराणा में विवाहित युगल के गोत्र को लेकर उपजे विवाद मामले में जाति पंचायत अपने फ़ैसले को लागू करने पर अड़ गई है.

जाति पंचायत ने एक कथित निचले गोत्र में हुई शादी को पूरी तरह से ग़लत ठहराया है और कहा है कि विवाहित युगल को तुरंत तलाक देना होगा और इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं हो सकता है.

सरकार लगातार जाति पंचायतों के अस्तित्व को नकारती रही है और ताज़ा स्थिति यह है कि समाज के लोगों की इस पंचायत के बाद कादियान खाप पंचायत और प्रशासन के बीच तनातनी की स्थिति बन गई है.

प्रशासन ने जाति पंचायत के फ़ैसले को ग़लत और ग़ैरक़ानूनी तो ठहराया है पर अभी तक प्रशासन पंचायत में शामिल लोगों को हिरासत में नहीं ले पाया है.

विवाह पर सवाल

दरअसल, पहले चीज़े सामान्य थीं. ज़िले के एक युवती और युवक, शिल्पा और रवींद्र एक-दूसरे के जीवनसाथी बने. इस फ़ैसले को परिवार के लोगों ने तय किया. रवींद्र के परिवार का कहना है कि गाँव के लोगों को इस फ़ैसले के बारे में जानकारी भी दी गई. किसी ने इसका उस वक़्त विरोध भी नहीं किया. दिल्ली के सुल्तानपुर क्षेत्र में शादी हुई और विवाहित युगल साथ रहने लगे.

शिल्पा कादियान गोत्र की है और उनके पति रवींद्र के गांव ढराणा में कादियान गोत्र के लोग रहते हैं. हालांकि रवींद्र का गोत्र गहलावत है, लेकिन कादियान गोत्र के लोगों का मानना है कि गहलावत गोत्र उनसे निम्न है. समाज की मान्यता यह भी है कि अपने से निचले गोत्र में लड़की की शादी नहीं की जानी चाहिए.

बस, इसी बात को लेकर अब विवाद पैदा हो गया है. शादी को लगभग तीन महीने का समय बीत चुका है पर जब गांववालों को इस बात का पता चला कि शिल्पा कादियान गोत्र की हैं तो बवाल मच गया.

कादियान खाप की गत सोमवार को दूबलनाथ गांव में पंचायत बुलाई गई थी. पंचायत ने रवींद्र और शिल्पा के विवाह को ग़लत ठहराया था और रवींद्र को शिल्पा को तलाक देने का तुगलकी फ़रमान सुनाया था. पंचायत ने फैसला दिया कि अगर रवींद्र ने शिल्पा को तलाक नहीं दिया तो उन्हें पूरे परिवार सहित गांव छोड़ना पड़ेगा.

मामले में नया मोड़ तब आया जब इस फ़ैसले से आहत रवींद्र ने शुक्रवार को ज़हर पी लिया. उन्हें रोहतक के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत ख़तरे से बाहर बताई जा रही है.

मीडिया में ख़बरें आने के बाद पुलिस प्रशासन नींद से जगा और उसने जाति पंचायत में शामिल कुछ लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा कायम किया. हालांकि पुलिस किसी की गिरफ़्तारी की हिम्मत नहीं जुटा सकी.

पंचायत का जिन्न

इस बीच कादियान खाप पंचायत की शनिवार को झज्जर में बैठक हुई. इस बैठक में आसपास के गांवों के सैंकड़ों लोगों ने शिरकत की.

लोगों ने जाति पंचायत के फैसले को सही ठहराया और इस फैसले को लागू कराने के लिए ढराणा की ओर कूच कर गए. गड़बड़ी की आशंका से प्रशासन ने ढराणा में पहले से ही बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए थे. जाति पंचायत में शामिल सैकड़ों लोग जब ढराणा पहुँचे तो उनकी पुलिस से झड़पें भी हुई. इसमें कुछ लोगों को चोटें भी आई हैं. हालाँकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कोई गिरफ़्तारी नहीं की है.

क्षेत्र में मानवाधिकार के मुद्दों पर काम करती आ रहीं सामाजिक कार्यकर्ता जगमती सांगवान इस मामले में पुलिस-प्रशासन पर निष्क्रियता बरतने का आरोप लगा रही हैं. उनका कहना है कि जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की.

उनका कहना है कि हरियाणा में जातिवाद की जड़े बहुत गहरी हैं और यही वजह है कि प्रमुख राजनीतिक पार्टियाँ इस मसले पर चुप्पी साधे रहती हैं.

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