करगिल: कब क्या हुआ

भारतीय सेना
Image caption लड़ाई लगभग तीन महीने चली

करगिल की लड़ाई लगभग तीन महीने चली और इसमें सैंकड़ों जवान और चरमपंथी मारे गए. पाकिस्तान ने शुरु में कहा कि उसकी सेना ने घुसपैठ नहीं की है बल्कि मुजाहिदीन भारतीय सेना से लड़ रहे हैं.

हालांकि बाद में पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि उसकी सेना भी लड़ाई में शामिल थी. इससे पहले फरवरी, 1999 में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान का दौरा किया था और ऐतिहासिक लाहौर घोषणापत्र जारी हुआ था. लेकिन कुछ महीनों बाद ही करगिल ने दोनों देशों के रिश्ते ख़राब कर दिए.

पेश है करगिल की लड़ाई का घटनाक्रम -

  • दो मई, 1999 - चरवाहों ने कुछ घुसपैठियों को देखा
  • 10 मई - कई और जगहों पर भारतीय सीमा में अतिक्रमण देखा गया
  • 26 मई - ऑपरेशन विजय शुरु हुआ.
  • 27 मई - भारतीय वायुसेना के दो विमान मार गिराए गए.
  • एक जून - पाकिस्तान की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर बमबारी
  • तीन जून - रेड क्रॉस ने लेफ़्टिनेंट नचिकेता को भारत को सौंपा

टाइगर हिल पर क़ब्ज़ा

  • छह जून - भारत ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री सरताज अजीज को दिल्ली आने से मना किया.
  • 8 जून - प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र को संबोधित किया.
  • 13 जून - तोलोलिंग पर भारतीय सेना ने क़ब्ज़ा किया.
  • चार जुलाई - टाइगर हिल पर भी भारत का क़ब्ज़ा.
  • पांच चुलाई - क्लिंटन- नवाज शरीफ़ का साझा बयान, पाकिस्तान पीछे हटने को तैयार
  • 11 जुलाई - पाकिस्तानी सेना का हटना शुरु.
  • 26 जुलाई - भारतीय सेना प्रमुख एनसी विज़ ने ऑपरेशन विजय ख़त्म करने की घोषणा की.

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