पुत्र गिरफ़्तार, बूटा सिंह का स्पष्टीकरण

बूटा सिंह
Image caption बूटा सिंह ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री से मिलेंगे पर फ़िलहाल पद पर बने रहेंगे

भारत के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष बूटा सिंह के पुत्र को एक ठेकेदार से पैसा माँगने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने बूटा सिंह के पुत्र को नासिक के एक ठेकेदार रामराव पाटिल की शिकायत पर तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ़्तार किया है.

राजनीतिक हलकों में बूटा सिंह के इस्तीफ़े की माँग उठ रही है लेकिन बूटा सिंह ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए इस्तीफ़ा देने से इनकार किया है. उधर उनके पुत्र ने कहा है कि वे निर्दोष हैं.

सीबीआई के संयुक्त नेदेशक ऋषिराज ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "कई घंटे की पूछताछ के बाद बूटा सिंह के पुत्र स्वीटी को तीन अन्य लोगों के साथ पैसे माँगने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. हम ये भी जाँच कर रहे हैं कि कहीं ये हवाला का मामला तो नहीं है."

सीबीआई ने प्रवक्ता हर्ष बहल ने कहा है कि इस मामले में जाँच एजेंसी ने चार लोगों को गिरफ़्तार किया है.

'राजनीतिक षड्यंत्र'

उधर स्वीटी का कहना था,"मैं निर्दोष हूँ. मुझे इस मामले में फँसाया गया है. ये सभी आरोप झूठे हैं."

बूटा सिंह ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यह मेरा राजनीतिक करियर ख़त्म करने का एक षडयंत्र है. मेरे बेटे का संपर्क न किसी पैसा देने वाले से हुआ है और न लेने वाले से..."

जब उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा देने पर सवाल किया गया तो उनका कहना था, "नैतिकता की बात न करें. मैं संवैधानिक पद पर हूँ और संविधान के मुताबिक काम करुँगा..मैं प्रधानमंत्री से समय लेकर उनसे मुलाकात करुँगा..."