मालेगाँव धमाका: 'मकोका' हटा

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर
Image caption मालेगाँव धमाके में छह लोग मारे गए थे.

मुंबई की एक विशेष अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि मालेगाँव बम धमाके के सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ़्टिनेंट कर्नल एसपी पुरोहित और नौ अन्य अभियुक्तों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण क़ानून (मकोका) के तहत मुक़दमा नहीं चलेगा.

अदालत ने शुक्रवार को कर्नल पुरोहित की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि धमाके के अभियुक्त किसी संगठित आपराधिक गिरोह से ताल्लुक नहीं रखते, इसलिए मकोका की धारा इन पर लागू नहीं होगी.

हालांकि कर्नल पुरोहित को ज़मानत देने से अदालत ने इनकार कर दिया. कर्नल पुरोहित ने ही याचिका दाखिल कर मकोका लगाए जाने का विरोध किया था.

जज वाईडी शिंदे ने कहा कि कोई भी अभियुक्त किसी आपराधिक गिरोह में नहीं रहा है और किसी के भी ख़िलाफ़ एक से अधिक आरोपपत्र दाख़िल नहीं हुआ है, इसलिए मकोका नहीं लगाया जा सकता.

विशेष अदालत के इस फ़ैसले के बाद अब मामले की सुनवाई नासिक के सत्र न्यायालय में होगी.

पिछले साल 29 सितंबर को मालेगाँव में हुए धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे.

मुंबई के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने इस मामले में कथित तौर पर एक हिंदूवादी संगठन की अधिकारी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और सेना के अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित समेत ग्यारह लोगों को अभियुक्त बनाया था.

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