मुंबई हमले: भारत ने और सबूत सौंपे

मुंबई हमला
Image caption मुंबई हमलों में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

भारत ने मुंबई हमलों के सिलसिले में पाकिस्तान को और सबूत सौंपे हैं.

इसके अलावा कथित तौर पर ग़ैर सरकारी संगठन की आड़ में चरमपंथी गतिविधियाँ चलाने वाले संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के ख़िलाफ़ भी सबूत दिए गए हैं जिसे भारत मुंबई हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता मानता है.

भारत ने मुंबई हमलों के सिलसिले में सबूतों का चौथा दस्तावेज़ (डॉसियर) शनिवार शाम को पाकिस्तानी दूतावास के हवाले कर दिया.

साठ पन्नों के इस दस्तावेज़ को भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव टीसीए राघवन ने पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त रिफ़त मसूद को सौंपा.

शनिवार को ही विदेश सचिव का कार्यभार संभालने वाली निरुपमा राव ने पत्रकारों ने बताया, "हम इंतज़ार करेंगे कि पाकिस्तान डॉसियर को पढ़े और इसके आधार पर उचित कार्रवाई करे."

इससे पहले 11 जुलाई को पाकिस्तान ने जाँच को आगे बढ़ाने के लिए भारत को 34 पन्नों का दस्तावेज़ सौंपा था. इसमें भारत में पकड़े गए दो चरमपंथियों फ़हीम अंसारी और सबाहुद्दीन से हुई जाँच का ब्यौरा माँगा गया था.

इसमें हमलों के दौरान चरमपंथियों के बीच हुई बातचीत के टेप की जाँच का ब्यौरा भी माँगा गया था.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "पाकिस्तान ने अपने दस्तावेज़ में मुंबई हमलों की जाँच का ब्यौरा दिया था. साथ ही कुछ और सबूत माँगे गए थे. इसके बाद पर्याप्त सबूत पाकिस्तान उच्चायोग को आज सौंप दिए गए."

हाफ़िज सईद के ख़िलाफ़ सबूत

भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बताया है कि पाकिस्तान को हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के ख़िलाफ़ पुख़्ता सबूत सौंप दिए हैं ताकि उन पर मुक़दमा चलाया जा सके.

Image caption चिदंबरम ने कहा है कि हाफ़िज सईद के ख़िलाफ़ पर्याप्त सूबत हैं

नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अब यह पाकिस्तान पर है कि वो हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.

भारत पिछले साल नवंबर में हुए मुंबई हमलों के लिए हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को प्रमुख साज़िशकर्ता मानता है.

पी चिदंबरम ने कहा, "पिछले तीन दस्तावेज़ों में जो सबूत सौंपे गए हैं, हमारे विचार से वे हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के ख़िलाफ़ जाँच के लिए लिए पर्याप्त हैं."

लश्कर के संस्थापक हाफ़िज़ मोहम्मद सईद इस समय जमात-उद-दावा संगठन के प्रमुख हैं. मुंबई हमलों के बाद उन्हें नज़रबंद किया गया था और जमात पर पाबंदी भी लगाई गई थी.

लेकिन लाहौर हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में हाफ़िज़ मोहम्मद सईद की नज़रबंदी ख़त्म करने का आदेश दे दिया.

कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान ने इस मामले पर कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा था कि जब तक हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत नहीं दिए जाते, सरकार उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर सकती.

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