अपने बयान से पलटा कसाब

मुंबई में हुए चरमपंथी हमले का एकमात्र जीवित अभियुक्त अजमल कसाब शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अपने बयान से पलट गया.

Image caption कसाब ने हमले में शामिल होने की बात पहले ही स्वीकार कर ली है

पहले तो उसने कहा कि वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार करना चाहता है लेकिन बाद में उसने कहा कि वह कुछ नहीं कहना चाहता और उस पर लगे सभी आरोपों को साबित करने के लिए मुक़दमा जारी रहना चाहिए.

इससे पहले कसाब ने मुंबई हमले में अपनी भूमिका को स्वीकार किया था और कहा था कि उसे फांसी दे दी जाए.

लेकिन अदालत ने उसकी इस स्वीकारोक्ति को आंशिक स्वीकारोक्ति की तरह मंज़ूर कर लिया था और कहा था कि चूंकि उस पर कई अन्य आरोप हैं, उनकी सुनवाई के लिए मुक़दमा चलता रहेगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुबह के सत्र में कसाब ने कहा कि वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार करना चाहता है.

सरकारी वकील उज्जवल निकम का कहना है कि जैसे ही अभियोजन पक्ष ने कहा है कि एफ़बीआई के अधिकारियों से ज़िरह की जाएगी, कसाब ने कहा कि वह सारे अपराध स्वीकार करना चाहता है.

लेकिन बाद में उसने जज से कहा कि वह अब कुछ नहीं कहना चाहता.

उसके वकील अब्बास काज़मी ने बाद में पत्रकारों को बताया कि कसाब थोड़ी निराशा में था और उसका अनुमान था कि अगर वह सारे आरोप स्वीकार कर लेगा तो मामले का फ़ैसला सुना दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने कसाब को समझा दिया है कि ऐसा करने के बाद भी मुक़दमा चलता रहेगा क्योंकि इस मामले में दो और अभियु्क्त हैं.

सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कसाब के इस व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा, "कसाब बड़ा नाटकबाज़ है और उसे पाकिस्तान में न केवल सैन्य प्रशिक्षण मिला है, बल्कि दूसरों को गफ़लत में डालने का भी प्रशिक्षण मिला है."

उनका कहना था कि इन सब का सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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