लड़कीवालों पर लगा दहेज देने का आरोप

राजस्थान (फ़ाइल)

भारत में दहेज की मांग और इसके लिए बहू को प्रताड़ित करने संबंधी अनेक शिकायतें आपने देखी सुनी होंगी.

पर सोचिए अगर आपको कोई ऐसा मामला मिले जिसमें कि लड़कीवालों पर वरपक्ष को जबरन दहेज देने का आरोप लगे, तो...

ऐसा वाकया सामने आया है जयपुर में. जयपुर में एक परिवार ने बहू और उसके मायकेवालों के ख़िलाफ़ जबरन दहेज देने का मामला अदालत में पेश किया है.

अदालत ने इस मामले में बहू और उसके माता पिता को जमानती वारंट से तलब किया है.

दरअसल, कानून के मुताबिक दहेज देना भी उतना ही गंभीर अपराध है जितना कि दहेज लेना. अब वरपक्ष ने इसी बात को कन्यापक्ष के ख़िलाफ़ लगाए गए अपने आरोप में आधार बनाया है.

जयपुर के एक व्यापारी, इकबाल राय ने पंजाब के एक परिवार के तीन लोगों के ख़िलाफ़ जयपुर की एक स्थानीय अदालत में दहेज विरोधी क़ानून के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई है.

'जबरन दिया दहेज'

अपनी शिकायत में इकबाल राय ने आरोप लगाया है कि उनके डॉक्टर बेटे की शादी में ससुराल वालों ने बिना मांगे ही दहेज का सामान लाकर उनके घर रख दिया.

शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में वधु के घरवालों ने ससुराल वालों पर यह दबाव डालना शुरू कर दिया कि ससुर इक़बाल राय का मकान बहू के नाम कर दिया जाए.

परिवादी के वकील अश्विनी वोहरा ने बीबीसी को बताया कि यह अपनी तरह का पहला मामला है.

उन्होंने बताया कि अगर इस क़ानून में आरोप साबित हो जाए तो अधिकतम पांच साल तक की सजा हो सकती है.

परिवादी के मुताबिक, उन्होंने बेटे के ससुराल वालों को वर्ष 2004 में शादी के वक़्त साफ़ मना किया था कि वो दहेज नहीं लाएं क्योंकि उनका बेटा डॉक्टर है और उसे इसकी ज़रूरत नहीं है.

मगर, आरोप के मुताबिक लड़की के घरवाले 18 लाख रूपए का दहेज दे गए और फिर मकान उनकी बेटी के नाम करने का दबाव डालने लगे.

दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ा कि वैवाहिक जीवन में दरार पैदा हो गई, लड़कीवालों ने भी पंजाब में दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा रखा है.

जयपुर की अदालत ने अब सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख़ तय की है.

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