स्वाइन फ़्लू पर सवाल जवाब

सवाल जवाब

दुनिया के अनेक देशों को अपनी चपेट में लेने के बाद स्वाइन फ़्लू भारत को भी अपनी गिरफ़्त में लेता जा रहा है. स्वाइन फ़्लू से जुड़े कुछ बुनियादी सवालों के जवाब-

स्वाइन फ़्लू क्या है?

इंफ़्लुएंज़ा-ए (एच1 एन1) को आम बोलचाल की भाषा में स्वाइन फ़्लू कहा जाता है.

स्वाइन फ्लू के शुरूआती मामले अब से करीब दो महीने पहले मैक्सिको में सामने आए थे. तब से अब तक लगभग सौ देशों में इस संक्रमण ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है.

प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों से पता चला कि इस वायरस के जींस उत्तरी अमरीका के सूअरों में पाए जाने वाले जींस जैसे हैं इसलिए इसे स्वाइन फ़्लू कहा जाने लगा.

वैज्ञानिक भाषा में इस वायरस को इंफ़्लुएंज़ा-ए (एच1 एन1) कहा जाता है.

कैसे फैलता है स्वाइन फ़्लू?

शुरुआत में ये माना जा रहा था कि इसके संक्रमण में सूअरों की भूमिका होती है.

लेकिन बाद में पाया गया है कि ये इंसान से दूसरे इंसान के संपर्क में आने से फैलता है.

स्वाइन फ़्लू के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण आम फ़्लू से मिलते जुलते ही हैं इसलिए इसकी पहचान खून की जाँच से ही संभव है.

वैसे इसके प्रमुख लक्षण हैं- सिर में दर्द, बुखार, गले में खराश, खांसी, बदन में दर्द, सांस लेने में दिक्कत.

वैज्ञानिकों को चिंता सता रही है कि भारत सहित जिन देशों में आजकल आम फ़्लू का सीज़न चल रहा है उसके वायरस के साथ मिलकर एच1एन1 परेशानी पैदा कर सकता है.

इसके गंभीर संक्रमण के कारण शरीर के कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं जिसके कारण मौत भी हो सकती है.

क्या इसका इलाज संभव है?

कुछ हद तक इसका इलाज संभव है. इसके मरीज़ों का उपचार टैमीफ़्लू नामक वायरसरोधी दवा से किया जा सकता है.

डॉक्टरों के अनुसार ये दवा इस फ़्लू को रोक तो नही सकतीं पर इसके ख़तरनाक असर को कम ज़रूर कर सकती है.

डॉक्टरों का कहना है कि इस समय वायरस इतना कमज़ोर है कि ज़्यादातर लोग बिना किसी दवा के उससे उबर जाते हैं.

इसके बचाव के क्या उपाय हैं?

स्वाइन प़्लू से बचने का सबसे अच्छा तरीका स्वच्छता के नियमों का पालन करना है.

भीड़-भाड़ वाली जगहों या सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें, खांसते और छींकते वक्त मुंह और नाक को रूमाल या कपड़े से ढंकें.

फ्ल़ू प्रभावित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें और सार्वजनिक स्थानों पर जाने पर तीनस्तरीय मास्क लगाएँ.

क्या इसका टीका उपलब्ध है?

स्वाइन फ़्लू को रोकने के लिए अभी तक कोई टीका नहीं विकसित हो पाया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की है कि सितंबर से स्वाइन फ़्लू का टीका आम लोगों को उपलब्ध हो सकेगा.

कई दवा निर्माता कंपनियों ने एच1एन1 टीका तैयार किया है और कई देशों में इसका परीक्षण चल रहा है.

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