स्वाइन फ़्लू: मृतकों की संख्या 11 हुई

भारत में स्वाइन फ़्लू का भय

भारत में मंगलवार को स्वाइन फ़्लू से पीड़ित चार मरीजों ने दम तोड़ दिया.

इस बीमारी से मौत की ताज़ा ख़बर केरल से मिली है जहां तिरुआनंतपुरम में 35 वर्षीय नासिर की मौत हो गई.

वो किम्स अस्पताल में भर्ती थे और उनके एच वन एन वन से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी.

नासिर हाल ही में अमरीका से आए थे और चेन्नई में भी रुके थे.

इसके साथ ही भारत में स्वाइन फ़्लू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है.

केरल के अलावा मंगलवार को दो मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं जबकि गुजरात में एक लड़की स्वाइन फ़्लू का शिकार बनी.

जहाँ गुजरात के शहर बड़ौदा की एक सात वर्षीय लड़की इस फ़्लू की चपेट में आई हैं वहीं महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में एक-एक मौत हुई है.

स्वाइन फ़्लू से मंगलवार को चार मरीजों ने दम तोड़ दिया.

मुंबई के भाईखल्ला स्थित नूर अस्पताल में 61 वर्षीय सईदा ने दम तोड़ दिया तो पुणे में 13 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई.

इस तरह से पुणे में स्वाइन फ़्लू से अब तक पाँच लोगों की मौत हो चुकी है.

गुजरात

अहमदाबाद से स्थानीय पत्रकार महेश लांगहा का कहना है कि गुजरात के शहर बड़ोदरा में मंगलवार को स्वाइन फ़्लू ने एक लड़की को अपना शिकार बनाया.राज्य में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या दो हो गई है.

राज्य के स्वास्थ्य सचिव रवि सक्सेना का कहना था कि मरने वाली लड़की में शनिवार को एचवनएनवन की पुष्टि हुई थी. लड़की पिछले रविवार से वेंटीलेटर पर थी.

सक्सेना का कहना है, "लड़की का विदेशी संपर्क नहीं था. मंगलवार की सुबह उसकी हालत बिगड़ गई और दोपहर को मौत हो गई."

इससे पहले गुजरात में एक अप्रवासी भारतीय परवीन पटेल की मौत हो गई थी. गुजरात में अबतक स्वाइन फ़्लू के 14 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं जबकि 65 मामलों में संदेह है.

महाराष्ट्र

मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के मुताबिक़ पुणे में दहशत का माहौल है और सभी स्कूल और कॉलेज सात दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं.

साथ ही तीन दिनों के लिए सभी सिनेमाघरों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं.

प्रशासन ने लोगों से कहा कि वे भीड़भाड़ वाले इलाक़ों में न जाएँ और अपने घरों में ही रहें.

मरीज़ों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में 10 नए आईसीयू केंद्र और नए केंद्र खोले गए हैं.

सोमवार को देश में स्वाइन फ़्लू के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर के साथ स्थिति की समीक्षा की. स्वास्थ्य सचिव नरेश दयाल भी इस बैठक में शामिल हुए.

स्कूल-कॉलेजों को बंद करना समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन स्वाइन फ़्लू के लक्षण वाले बच्चे स्कूल न जाएँ.

ग़ुलाम नबी आज़ाद, स्वास्थ्य मंत्री

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पहले देशभर में स्वाइन फ़्लू के सिर्फ़ दो ही केंद्र थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 18 कर दी गई है.

दवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने पास दो करोड़ टैमीफ़्लू टैबलेट का भंडार रखेगी और ज़रूरत के हिसाब से इसे राज्यों के पास भेजेगी.

स्कूल-कॉलेजों को बंद करने के बारे में उन्होंने कहा कि ये समस्या का समाधान नहीं, लेकिन उन्होंने सलाह दी कि स्वाइन फ़्लू के लक्षण वाले बच्चे स्कूल न जाएँ.

सरकारी आँकड़ों के अनुसार अब तक देशभर में स्वाइन फ़्लू के 959 मामले सामने आए हैं और इनमें से 563 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई.

स्कूल बंद

दूसरी ओर स्वाइन फ़्लू से सबसे ज़्यादा प्रभावित महाराष्ट्र के पुणे शहर के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया है.

महाराष्ट्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री अजित पवार ने पत्रकारों को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, "पुणे और पड़ोसी पिम्परी चिंचवाड में सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थाएँ सात दिनों तक बंद रहेंगी. हम दीपावली की छुट्टियाँ कम करके इसकी भरपाई करेंगे."

पुणे और पड़ोसी पिम्परी चिंचवाड में सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थाएँ सात दिनों तक बंद रहेंगी. हम दीपावली की छुट्टियाँ कम करके इसकी भरपाई करेंगे

अजित पवार

अजित पवार ने स्कूल और कॉलेज प्रशासन को ये निर्देश दिया कि इन सात दिनों में वे अपनी-अपनी संस्थाओं को वायरस मुक्त करने की कोशिश करें.

पुणे में एच1एन1 वायरस से लोगों के मारे जाने पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों का समय पर इलाज होता, तो उन्हें बचाया जा सकता था.

पुणे में स्वाइन फ़्लू के कारण पाँच लोगों की मौत हो चुकी है.

जम्मू से बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में स्वाइन फ़्लू का पहला मामला सामने आया है.

पुणे में पढ़ रही एक 22 वर्षीय लड़की की जाँच में स्वाइन फ़्लू की पुष्टि हुई है. ये लड़की छुट्टियों में घर आई हुई थी.

अभी तक सबसे ज़्यादा मौतें पुणे में हुई हैं.

इसके अलावा चार और लोगों के खून के नमूने परीक्षण के लिए दिल्ली भेजे गए हैं.

इसमें सीमा सुरक्षाबल का एक जवान शामिल है, वो हाल में छुट्टियों से वापस आया था.

जम्मू के स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉक्टर जसबीर सिंह ने बताया, '' पुणे में पढ़नेवाली आंकाक्षी में एच1एन1 की पुष्टि हुई है और उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है.''

ये लड़की पुणे में एमबीए की पढ़ाई कर रही थी.

हैदराबाद से बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ का कहना है कि आंध्र प्रदेश सरकार ने भी इस बीमारी से निपटने लिए चौकसी बढ़ा दी है.

सरकार ने रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सहायता केंद्र खोले हैं ताकि मुंबई और पुणे से आने वाले यात्रियों और संक्रमित लोगों की पहचान की जा सके.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दमन नागेंद्र का कहना है कि स्वाइन फ़्लू से निपटने के लिए तमाम एहतियाती क़दम उठाए गए हैं इसलिए घबराने की ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने कहा, "राज्य में अब तक स्वाइन फ़्लू के 74 मामले सामने आए हैं जिनमें 72 को पूरी तरह से ठीक करके अस्पताल से छु्ट्टी दी जा चुकी है. सिर्फ़ दो लोगों का इलाज चल रहा है. यहाँ स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है."

संक्रमण का भय

भारत में स्वाइन फ़्लू के बढ़ते मामलों में से अधिकतर ऐसे हैं जिन्हें किसी दूसरे व्यक्ति से यहीं रहते हुए संक्रमण मिला है.

स्वाइन फ़्लू

स्वाइन फ़्लू की जाँच के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं

अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर लगातार इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं संक्रमित व्यक्ति दूसरे देशों से संक्रमण लेकर भारत तो नहीं आ रहे.

पर अबतक जो मामले सामने आए हैं उनमें से अधिकतर ऐसे हैं जिन्हें किसी मित्र, सार्वजनिक स्थान पर आने वाले लोगों या स्कूलों जैसी जगहों से संक्रमण मिला है.

इसे लेकर जहाँ माता-पिता अपने बच्चों में संक्रमण के ख़तरे के प्रति चिंतित हैं, वहीं पर्यटकों, विदेशों से आ रहे लोगों को लेकर भी और गंभीर होने की ज़रूरत बताई जा रही है.

स्वाइन फ़्लू का सबसे ज़्यादा असर दिखाई दे रहा है पश्चिमी देशों में. अमरीका और यूरोप के कुछ देश इससे सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. भारत में स्थिति उतनी चिंताजनक नहीं है जितनी कि इन देशों में, पर आगे के खतरे के प्रति गंभीर होने की ज़रूरत पर बल दिया जा रहा है.

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