'वसुंधरा इस्तीफ़ा दे दें'

राजनाथ सिंह
Image caption राजनाथ सिंह ने कहा है कि वसुंधरा को इस्तीफ़ा देना चाहिए.

भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद राजस्थान में प्रतिपक्ष की नेता वसुंधरा राजे से इस्तीफ़ा देने के लिए कहा गया है.

संसदीय दल की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने साफ़ कहा कि वसुंधरा राजे से विधानसभा में विपक्ष की नेता पद से इस्तीफ़ा देने के लिए कहा गया है.

उन्होंने कहा, '' संसदीय बोर्ड ने फ़ैसला किया है कि वसुंधरा इस्तीफ़ा दें और मैंने उनसे इस्तीफ़ा मांगा है.''

यह पूछे जाने पर कि वसुंधरा राजे पूर्व में इस्तीफ़ा देने से इंकार कर चुकी हैं और क्या ये अनुशासनहीनता नहीं है तो राजनाथ सिंह का कहना था, '' मुझे पूरा विश्वास है कि वसुंधरा पार्टी के निर्देशों को मानेंगी. मैं इससे अधिक कुछ नहीं कहना चाहता.''

उल्लेखनीय है कि वसुंधरा राजे अब तक इस बात पर अड़ी हुई हैं कि वे इस्तीफ़ा नहीं देंगी.

कुछ समय पहले प्रदेश पार्टी अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने बताया था कि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे से बात की थी और उन्हें विधानसभा में विपक्ष की नेता का पद छोड़ने को कहा था.

उन्होंने वसुंधरा राजे के इनकार पर कुछ भी कहने से मना कर दिया.

नई स्थिति में जैसे-जैसे वक़्त गुज़रता जा रहा है, पार्टी संगठन से जुड़े नेताओं का कहना है कि वसुंधरा राजे के सामने कोई विकल्प नहीं है, या तो वे पार्टी से निलंबन की कार्रवाई झेलें और नई पार्टी का गठन करें या फिर इस्तीफ़ा दें.

इससे पहले वसुंधरा के समर्थन में बीजेपी के कई विधायक आए थे. इन विधायकों ने दिल्ली आकर लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात करने की भी कोशिश की लेकिन आडवाणी ने उन्हें समय नहीं दिया था.

Image caption वसुंधरा ने इस्तीफ़ा देने के मामले पर अड़ियल रवैया अपना रखा है.

अब माना जा रहा है कि अगर वसुंधरा इस्तीफ़े का निर्देश नहीं मानती हैं तो पार्टी उन पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई कर सकती है. ऐसे में राजस्थान में पार्टी टूटने का भी ख़तरा पैदा हो सकता है क्योंकि राज्य में बीजेपी के 70 में से 58 विधायक वसुंधरा के साथ जाने की बात कह चुके हैं.

हालांकि ये कयास हैं और अब गेंद वसुंधरा के पाले में है कि वो क्या फ़ैसला करती हैं.

वैसे रविवार को संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले वसुंधरा राजे ने एक बयान जारी किया था जिसमें उन्होंने मीडिया पर दोष लगाया था कि वो मीडिया उनके पार्टी छोड़ने के बारे में ग़लत ख़बरें चला रही हैं.

उन्होंने अपने इस बयान में कहा, '' बीजेपी को मेरी मां ने खून पसीने से सींचा है. वो संस्थापक रही है और पार्टी के बारे में पल पल सोचा है. इस मां जैसी पार्टी के बारे में मेरी बातें ग़लत ढ़ंग से प्रचारित की गई है जिससे मैं दुखी हूं.''

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है