अब हार की समीक्षा का विवाद

लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह
Image caption आडवाणी को प्रधानमंत्री के रुप में पेश किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं

ख़बर है कि भारतीय जनता पार्टी ने शिमला में चल रही चिंतन बैठक में एक रिपोर्ट पर चर्चा की है जिसमें लोकसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की गई है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर व्यक्तिगत आक्षेप, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कांग्रेस पर टिप्पणियाँ और पीलीभीत से पहली बार चुनाव लड़ रहे वरुण गांधी के विवादित भाषण का पार्टी को नुक़सान हुआ.

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री के रुप में पेश करना भी हार के कारणों में से एक रहा है.

ख़बर है कि इस रिपोर्ट को वरिष्ठ संघ नेता बाल आप्टे ने तैयार किया है और इसकी प्रति बहुत से पत्रकारों के पास है.

लेकिन भाजपा के महासचिव और प्रवक्ता अरुण जेटली ने साफ़ कहा है कि ऐसी कोई रिपोर्ट अस्तित्व में नहीं है और वे यह बात पूरी ज़िम्मेदारी के साथ कह रहे हैं.

रिपोर्ट

शिमला से वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी शर्मा ने बीबीसी को बताया कि उनके पास भी इस आप्टे रिपोर्ट की प्रति है जिस पर गुरुवार को चर्चा हुई है.

इस रिपोर्ट में हार के कारणों में 'नेताओं में एकता का अभाव' और 'आंतरिक कलह' का भी ज़िक्र किया गया है.

इसमें कहा गया है कि या तो 'मज़बूत नेता निर्णायक सरकार', 'महंगाई' और 'आतंरिक सुरक्षा' जैसे मसलों को कारगर ढंग से उठाया नहीं जा सका.

रिपोर्ट में कहा गया कि कंधार जैसे मसले पर पार्टी कांग्रेस के हमलों का ठीक ढंग से जवाब नहीं दे सकी.

इसमें उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आदि पर भी उंगली उठाई गई है.

शुक्रवार को चिंतन बैठक का अंतिम दिन है और संभावना कि अंत में पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह जब मीडिया से बात करेंगे तो इस रिपोर्ट पर भी चर्चा करेंगे.

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