विधानसभा भंग करने की सिफ़ारिश

हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा भंग करने की सिफ़ारिश की है. हरियाणा की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल अभी क़रीब छह महीने बाक़ी है.

Image caption भूपिंदर सिंह हुड्डा जल्द चुनाव कराना चाहते हैं

चंडीगढ़ में हरियाणा कैबिनेट की बैठक में यह फ़ैसला किया गया.

माना जा रहा है कि हरियाणा की भूपिंदर सिंह हुड्डा सरकार जल्द चुनाव कराने के पक्ष में है और इसी कारण उसने समय से पहले ही विधानसभा भंग करने की सिफ़ारिश की है.

हरियाणा कैबिनेट की ये सिफ़ारिश प्रदेश के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया के पास भेज दी गई है.

संभावना है कि 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा का चुनाव अक्तूबर में महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ ही संपन्न होगा.

फ़ैसला

हरियाणा की मौजूदा सरकार का कार्यकाल मार्च 2010 में ख़त्म हो रहा था. जानकारों का कहना है कि अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव में 10 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस पार्टी के हौसले बुलंद हैं.

कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, "कैबिनेट ने सर्वसम्मति से राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफ़ारिश राज्यपाल से की है. हमने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि राज्य के लोगों की और राज्य की विपक्षी पार्टियों की भी यही राय है."

मौजूदा विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर कांग्रेस के 62 विधायक हैं. ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी भारतीय राष्ट्रीय लोकदल के 10 विधायक हैं जबकि 10 विधायक निर्दलीय हैं.

विधानसभा की छह सीटें फ़िलहाल ख़ाली हैं क्योंकि इन सीटों के विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया है. जबकि कांग्रेस की एक मंत्री करतार देवी की पिछले सप्ताह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया.

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