सुधींद्र कुलकर्णी भाजपा से अलग हुए

सुधींद्र कुलकर्णी
Image caption सुधींद्र कुलकर्णी ने जसवंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने को अनुचित बताया है

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के सलाहकार सुधींद्र कुलकर्णी ने अपने आपको पार्टी से अलग कर लिया है.

रविवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के कारण वो भाजपा से अलग हो रहे हैं.

लेकिन उन्होंने इससे आगे और कुछ कहने से इनकार किया.

उनका कहना था कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कई सप्ताह पहले ही इस बारे में बता दिया था.

हालांकि सुधींद्र कुलकर्णी ने लालकृष्ण आडवाणी की जमकर तारीफ़ की और कहा कि वो भारत के महान नेताओं में से एक हैं और आडवाणी के प्रति उनके मन में भारी सम्मान है.

जसवंत का बचाव

उन्होंने जिन्ना पर लिखी किताब की वजह से हाल में पार्टी से निकाले गए नेता जसवंत सिंह का बचाव किया. लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि उनके फ़ैसले से इसका कोई संबंध नहीं है.

उनका कहना था कि जसवंत सिंह पर बिना बात कार्रवाई की गई और इसकी कोई आवश्कता नहीं थी.

इसके पहले भी सुधींद्र कुलकर्णी ने जसवंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने का विरोध किया था.

अंग्रेज़ी अख़बार में लिखे एक लेख में सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा था कि वो जसवंत सिंह के पार्टी से निकाले जाने के फ़ैसले के पक्ष में नहीं हैं.

उनका कहना था कि इससे पार्टी की छवि खराब हुई है और जनता के बीच ग़लत संदेश गया है कि ‘पार्टी विद डिफरेंस’ में वाकई ‘डिफरेंसेस’ चरम पर हैं और कोई भी अपनी ग़लती स्‍वीकार नहीं करना चाहता है.

सुधींद्र कुलकर्णी भाजपा से पिछले 13 वर्ष से जुड़े रहे हैं और वो तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के सलाहकार रहे हैं.

वर्ष 2009 के आम चुनावों में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के साथ काम किया था.

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