अरुण शौरी ने पार्टी पर हल्ला बोला

भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित जसवंत सिंह के बाद एक और वरिष्ठ नेता अरुण शौरी ने पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला है.

Image caption अरुण शौरी ने पार्टी अध्यक्ष पर भी निशाना साधा

एक निजी टीवी चैनल के साथ बातचीत में नाराज़ दिख रहे पूर्व विनिवेश मंत्री और वरिष्ठ पत्रकार रहे अरुण शौरी ने पार्टी को 'कटी पतंग' तक कह डाला.

उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भी नहीं छोड़ा और कहा कि वे 'एलिस इन ब्लंडरलैंड' हैं. यानी राजनाथ सिंह ऐसी दुनिया में जी रहे हैं, जहाँ बार-बार ग़लतियाँ हो रही हैं.

अरुण शौरी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपील की कि वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को हटाकर पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ले.

उन्होंने कहा, "मेरे विचार में भारतीय जनता पार्टी एक कटी पतंग की तरह है. इसे तुरंत संभालने की ज़रूरत है. मैं नहीं समझता कि पार्टी के अंदर ऐसा कोई है, जो ये काम कर सकता है. सिर्फ़ आरएसएस ये काम कर सकती है."

विरोध

अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी में विरोध के स्वर सुने जा रहे हैं.

चुनाव नतीजों के बाद यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह और अरुण शौरी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा था और हार की ज़िम्मेदारी लेने की बात कही थी.

हाल में पार्टी की अंदरुनी तनातनी खुल कर सामने आ गई है. अपनी किताब में मोहम्मद अली जिन्ना को महिमामंडित करने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने जसवंत सिंह को निष्कासित कर दिया.

तो दूसरी ओर राजस्थान में पार्टी की विधायक दल की नेता पद से वसुंधरा राजे को हटाए जाने के मामले को लेकर भी भाजपा की किरकिरी हुई है.

हाल ही में लालकृष्ण आडवाणी के क़रीबी माने जाने वाले सुधींद्र कुलकर्णी ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया था.

जानकारों का कहना है कि वरिष्ठ नेता अरुण शौरी का पार्टी के ख़िलाफ़ खुलकर बोलने से पार्टी की छवि को और नुक़सान पहुँचेगा.

आलोचना

अपने ताज़ा इंटरव्यू में अरुण शौरी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी खरी-खरी सुनाई है. उन्होंने कहा कि हार के लिए वसुंधरा राजे को हटाए जाने की मांग हो रही है और बीसी खंडूरी को हटा दिया गया, लेकिन पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हार की ज़िम्मेदारी क्यों नहीं लेता.

Image caption जसवंत सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है

अरुण शौरी ने कहा कि पार्टी प्राइवेट कंपनी की तरह चलाई जा रही है, जहाँ शीर्ष नेतृत्व एक-दूसरे को बचाने में लगा हुआ है.

अरुण शौरी की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे दुर्भाग्यपूर्ण कहा है.

बीबीसी के साथ बातचीत में पार्टी उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा, "इन सब घटनाओं से पार्टी और मज़बूत होकर निकलेगी. इससे पार्टी पर कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला है."

हालाँकि उन्होंने माना कि पार्टी संक्रमण काल से गुज़र रही है और पार्टी को एकजुट रहने की आवश्यकता है.

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