माओवादियों ने दिया अल्टीमेटम

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने बिहार और झारखंड सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर मंगलवार तक पार्टी की केंद्रीय समिति के दो सदस्य अदालत में पेश नहीं किए जाते, तो 26 अगस्त से दोनों राज्यों में अनिश्चिकालीन बंद रहेगा.

Image caption नक्सलियों के बंद के दौरान कई इलाक़ों में व्यापक हिंसा हुई है

बीबीसी के साथ बातचीत में पार्टी की पोलित ब्यूरो के प्रवक्ता किशेनजी ने ये जानकारी दी है. उन्होंने रमज़ान के महीने में बंद के लिए मुसलमानों से माफ़ी मांगी है और कहा है कि वे बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर दबाव डालें कि उनके कार्यकर्ताओं को छोड़ा जाए.

इस बीच पाँच राज्यों में सोमवार से शुरू हुआ माओवादियों के बंद का कई जगहों पर काफ़ी असर पड़ा और कई जगह से हिंसा की भी ख़बर है.

झारखंड में माओवादियों ने राँची और जमशेदपुर के बीच टैमाराघाटी में ट्रकों को फूँक दिया है, जिससे इस रास्ते पर आवागमन पूरी तरह ठप है.

बाद में यहाँ पुलिस और माओवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई, जिसमें चार पुलिसवाले घायल हुए हैं. घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सीपीआई (माओवादी) ने अपने दो कार्यकर्ताओं की कथित गिरफ़्तारी के विरोध में झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में दो दिनों के बंद का आह्वान किया है.

प्रभाव

पलामू में दो मोबाइल टॉवर उड़ा दिए गए हैं तो लातेहार में रेल की पटरी उड़ाई गई है.

झारखंड में बंद के दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ हैं और लंबी दूरी की बसें बिल्कुल नहीं चल रही है. इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

किशेनजी ने बीबीसी के साथ बातचीत में यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर ज़िले के सदर इलाक़े में पार्टी के दोनों कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर 15 हज़ार लोगों ने जुलूस निकाला.

उनका आरोप है कि उनके दोनों कार्यकर्ताओं को बिहार पुलिस ने 19 अगस्त को रांची से पटना जाते हुए गिरफ़्तार कर लिया था. जिनका अब तक कोई अता-पता नहीं है.

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