राजस्थान में सूखे के हालात

राजस्थान सूखा (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption राजस्थान में सूखे का लंबा इतिहास रहा है

राजस्थान को सूखे के संकट ने आ घेरा है. राज्य सरकार ने राजस्थान के 33 में से 26 जिलों को अभावग्रस्त घोषित कर दिया है.

सरकार ने ये फ़ैसला सूखे पर राजस्व विभाग के रिपोर्ट मिलने के बाद किया.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन की बैठक बुलाई है.

इस बैठक में राहत उपायों के साथ आर्थिक सहायता के लिए केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले ज्ञापन को तैयार किया जाएगा.

सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक राज्य के कोई 32 हज़ार गाँवों में पचास से सौ फ़ीसदी तक फसल मानसून के दगा दे जाने के कारण बरबाद हो गई है.

इस बार सूखा इतना गंभीर है कि राज्य के आदिवासी बहुल जिले भी इसके चपेट में आ गए है जो रेगिस्तान से थोड़ा दूर हैं.

सहायता

समझा जाता है कि राज्य सरकार के केंद्र को ज्ञापन भेजते ही केंद्र सरकार अपनी टीम हालात का जायजा लेने मौक़े पर भेजेगी.

इसके बाद केंद्र सरकार वित्तीय सहायता का ऐलान करेगी.

सरकार का कहना है कि राज्य में सूखे का लंबा इतिहास रहा है.

ये अभी सूखे की दस्तक है, मगर राज्य के ज्यादातर हिस्सों में लोग पानी के लिए भारी मुश्किलों का सामना कर रहे है.

राज्य में बिजली की किल्लत ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है.

राज्य के ग्रामीण इलाक़ों में लोग अपने पशु धन को लेकर चिंतित है क्योंकि मवेशिओं के लिए पानी और चारे का बंदोबस्त करना मुश्किल होगा.

लोगों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में भी सूखे के हालत है, ऐसे में पलायन से भी मदद मिलना मुश्किल है.

संबंधित समाचार