'भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन नहीं'

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट किया है कि लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा.

Image caption लालकृष्ण आडवाणी पर पद छोड़ने का दबाव है

नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी लोकसभा में विपक्ष के नेता बने रहेंगे.

इस बीच पिछले तीन दिनों से संघ नेताओं और भाजपा नेताओं के बीच चल रही मुलाक़ातों का सिलसिला रविवार को भी चला.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने रविवार को लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात की. शनिवार को आडवाणी उनसे मिलने गए थे.

मोहन भागवत और आडवाणी के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद संघ के वरिष्ठ नेता मदन दास देवी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "आरएसएस को पूरा भरोसा है कि भाजपा नेता पार्टी में एकजुट रहेंगे, सभी समस्याओं का सामना करेंगे और मज़बूत होकर सामने आएँगे."

उम्मीद

उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा समस्याओं के दौर से बाहर निकल आएगी.

पार्टी में उठापटक और शिमला में चिंतन बैठक के बाद तीन दिनों से चल रहे चिंतन के बारे में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि पार्टी अपनी रणनीति बना रही है और इसमें आने वाले विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं.

हालाँकि उन्होंने माना कि पार्टी की कमज़ोरी और अनुशासनहीनता को भी समाप्त करने पर चर्चा हुई और इससे पार्टी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

जावडेकर ने कहा, "पिछले तीन दिनों से हम बार-बार ये कह रहे हैं कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता. फिर भी अटकलें लगाई जा रही हैं. हम महाराष्ट्र, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश के चुनाव की तैयारी कर रहे हैं."

आलोचना

उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड में भी विधानसभा चुनाव कराने की मांग करती है और पार्टी आडवाणी जी के नेतृत्व में सफल शक्ति परीक्षण करेगी.

Image caption मोहन भागवत रविवार को आडवाणी के घर गए

पार्टी प्रवक्ता जावडेकर ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान इन्हीं विषयों पर चिंतन हुआ. उन्होंने भाजपा के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के चिंता जताने पर चुटकी ली और कहा कि मनमोहन सिंह सूखे की चिंता करें, महंगाई की चिंता करें और लोगों को राहत दें, वे भाजपा की चिंता न करें.

हाल के दिनों में पार्टी के अंदर और बाहर से लालकृष्ण आडवाणी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है.

पार्टी से निकाले जाने के बाद तो जसवंत सिंह ने आडवाणी के ख़िलाफ़ मोर्चा ही खोला हुआ है, जबकि अरुण शौरी ने भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा था.

कंधार मामले में जानकारी होने के सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी अपना मुँह खोल चुके हैं और आडवाणी पर सवाल उठा चुके हैं.

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