रेड्डी की तलाश तेज़, मौसम बना चुनौती

राजशेखर रेड्डी
Image caption राजशेखर रेड्डी ने राज्य में दूसरी बार कांग्रेस को जीत दिलाई है

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी और उनके हेलीकॉप्टर की तलाशी का काम तेज़ हो गया है. हालांकि अभी तक किसी बड़ी सफलता की ख़बर नहीं मिल सकी है.

बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री हैदराबाद से चित्तूर के लिए रवाना हुए थे पर रवानगी के कुछ देर बाद ही उनके हेलिकॉप्टर से रेडियो संपर्क टूट गया था. तब से मुख्यमंत्री और इस हेलिकॉप्टर की तलाशी का काम जारी है.

राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संकेत नहीं हैं जिससे कहा जा सके कि उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. ऐसा हो सकता है कि ख़राब परिस्थितियों में उन्हें कहीं अंदरूनी इलाके में उतरना पड़ा हो.

अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस समय हेलिकॉप्टर से संपर्क टूटा वह नल्ला मल्ला के जंगलों के ऊपर उड़ान भर रहा था. इसीलिए खोजबीन के दायरे को 20 किलोमीटर के क्षेत्र में केंद्रित कर दिया गया है.

फिलहाल सीआरपीएफ़, सेना के जवानों, कमांडो और पुलिसबलों की 2000 से भी ज़्यादा की तादाद खोजबीन के काम में लगी हुई है. आसपास के इलाकों के ग्रामीण लोगों की भी मदद ली जा रही है.

इस दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने कम उंचाई की उड़ान भरते वाले एक विमान की मदद से 43 चित्र लिए हैं और अब इन चित्रों के विश्लेषण का काम किया जा रहा है.

एक सुखोई विमान की भी मदद से कुछ और चित्र लिए जा रहे हैं. मेटल की मौजूदगी से सिग्नल देनेवाले विशेष तलाशी विमानों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय, सेना और राज्य सरकार की ओर से सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि अभी पुष्टि के लिए किसी के पास कहने को कुछ नहीं है.

राज्य सरकार की उम्मीद

राज्य सरकार के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ होगा बल्कि कहीं सुरक्षित उतार लिया गया होगा.

उनके पास इस तर्क के पीछे आधार यह है कि अभी तक ब्लैक बॉक्स के कोई भी सिग्नल नहीं मिल सके हैं. ब्लैक बॉक्स किसी विमान में दुर्घटना के संकेत देने के लिए लगाया जाता है.

जैसे ही कोई हादसा होता है, यह बॉक्स सक्रिय हो जाता है और इससे संकेत मिलने लगते हैं. पर अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस तरह के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

Image caption राजशेखर रेड्डी ग्रामीण इलाकों के दौरे पर निकले थे

पर मुख्यमंत्री सुरक्षित होने के बावजूद अभी तक सामने क्यों नहीं आ सके हैं, इस बाबत राज्य सरकार के अधिकारियों का मानना है कि संभव है कि दुर्गम जगह पर फंसे होने के कारण मुख्यमंत्री अभी संचार या सूचना देने के किसी ठिकाने तक न पहुंच पाए हों.

दरअसल, जिस इलाके में यह हेलिकॉप्टर लापता बताया जा रहा है, वो बहुत ही घने जंगल वाला इलाका है और जंगल का प्रसार यहां पर 400 वर्ग किलोमीटर के दायरे में है.

ख़राब मौसम ने तलाशी के काम को और कठिन कर दिया है. इसीलिए इन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों और कमांडो को यहां तलाशी के लिए उतारा गया है.

बताया जा रहा है कि इस घने जंगली इलाके में तलाशी का काम ऊपर से कम, ज़मीन के रास्ते से ही ज़्यादा किया जा सकता है. इसीलिए खोजबीन के काम को ज़मीन के रास्ते तेज़ी से किया जा रहा है.

चिंता

एक चिंता तो इस बात को लेकर है कि कहीं माओवादी इस स्थिति का फायदा न उठाने की कोशिश करें लेकिन इसकी आशंका कम ही जताई जा रही है.

जिस इलाके में यह हेलिकॉप्टर लापता हुआ है वहां कई वर्षों तक माओवादियों का प्रभाव रहा है लेकिन पिछले तीन बरसों के दौरान माओवादी यहां काफी कमज़ोर पड़े हैं.

राजशेखर रेड्डी की कुशलता को लेकर उनकी पार्टी के साथ साथ विपक्षी दल भी चिंतित हैं.

राजशेखर कांग्रेस के उन नेताओं और मुख्यमंत्रियों में हैं जो अगड़ी पंक्ति में खड़े होते हैं. पार्टी के तमाम नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी कुशलता की कामना की है.

इस बीच केंद्रीय मंत्री और राज्य के प्रभारी वीरप्पा मोइली कुछ अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं सहित हैदराबाद पहुंच चुके हैं.

बताया जा रहा है कि गुरुवार को सोनिया गांधी भी हैदराबाद आ सकती हैं.

वहीं तलाशी के काम में और तेज़ी लाने और नियंत्रण के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी कर दी गई है. यह नियंत्रण कक्ष गुरुवार सुबह से प्रभावी हो जाएगा.

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बारे में पूछताछ की है और राजशेखर रेड्डी की कुशलता की कामना की है.

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है