बिहार की सात सीटों पर मतदान

बिहार विधानसभा
Image caption बिहार में अगले साल विधानसभा चुनावों के संदर्भ में इन उप-चुनावों की अहमियत बढ़ गई है.

बिहार विधानसभा की 18 सीटों में हो रहे उप-चुनाव के सिलसिले में गुरुवार को सात विधानसभा सीटों पर मतदान होगा.

बाक़ी ग्यारह विधान सभा सीटों के लिए आगामी 15 सितंबर को मतदान होगा. दो दिन बाद मतों की गिनती होगी.

पिछले लोकसभा चुनाव में इन 18 सीटों से विधायकों का सांसद चुना जाना इस उप-चुनाव का कारण बना है.

दो चरणों में कराए जा रहे मतदान के पहले चरण में गुरुवार को पांच नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों - बोचहा, औराई, रामगढ़, चैनपुर और चेनारी में मतदान होगा.

मतदान गुरुवार सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेगा. बाक़ी दो विधानसभा क्षेत्रों- कल्याणपुर और वारिसनगर में सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले जाएँगे.

चुनावी हिंसा की आशंका के मद्देनज़र राज्य प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध करने का दावा किया है.

उपचुनाव के परिणाम होगें अहम

प्रक्षकों का मानना है कि इन उप-चुनावों के परिणामों का असर अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है.

ख़ासकर सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड ) और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन को इसकी ज्यादा चिंता है.

अगर इस गठबंधन की हार होती है तो ये राज्य सरकार के लिए ख़तरे की घंटी होगी और जीत हुई तो दोबारा सत्ता प्राप्ति की संभावना दिखेगी.

उधर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी गठबंधन इस उप-चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन को कड़ी चुनौती देने में जुटा है.

दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी लोकसभी चुनावों की ही तरह इस बार भी अकेले ही चुनावी मैदान में उतरी है. एक लंबे अंतराल के बाद बिहार में कांग्रेस के हौसले बुलंद दिख रहे हैं.

राज्य के पार्टी प्रभारी जगदीश टाइटलर के सक्रिय प्रयास से पार्टी के कई राष्ट्रीय स्तर के नेता इन उप-चुनावों में प्रचार करने बिहार पहुँचे.

राज्य के तीनों बड़े नेता, यानी लालू प्रसाद यादव, राम विलास पासवान और नीतीश कुमार, बिहार में इन दिनों कांग्रेस की सक्रियता को बहुत गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

उधर कांग्रेस उनके लिए मुश्किलें पैदा करने वाली रणनीति बनाने में जी-जान से जुटी है.

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