'देश में पर्याप्त खाद्य भंडार है'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत के पास खाद्य पदार्थों के पर्याप्त भंडार है और बारिश की कमी के कारण परेशान किसानों की मदद के लिए और क़दम उठाए जाएँगे.

मनमोहन सिंह ने ये बात विभिन्न राज्यों के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रियों के सम्मेलन में दिल्ली में कही.

उनका कहना था, "2007-08 और 2008-09 में भारत में रिकॉर्ड खाद्य उत्पादन हुआ था. इसलिए हमारे पास पर्याप्त खाद्य भंडार है. चिंता की कोई बात नहीं है कि देश में खाद्य पदार्थों की कमी हो जाएगी. जिन इलाक़ों में माँग की तुलना में सप्लाई कम है वहाँ खाद्यान्न उपलब्ध करवाए जाएँगे."

इस बार मॉनसून के दौरान उम्मीद से कम बारिश हुई है जिसके बाद ये आशंका जताई जाने लगी थी कि भारत में खाद्यान्न की कमी हो जाएगी.

प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में रोज़गारी गारंटी क़ानून पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में इस योजना के तहत प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है उन्हें और कार्यकुशलता से काम करने की ज़रूरत है.

नरेगा पर ध्यान दें

मनमोहन सिंह ने कहा, "इस अनोखे क़ानून का पूरा फ़ायदा लोगों तक पहुँचाने के लिए हमें बहुत काम करने की ज़रूरत है. राज्यों में इसका प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा है. कुछ राज्य पिछड़ रहे हैं. मैं उनसे कहूँगा कि वे राज्य अपना प्रदर्शन सुधारे."

उन्होंने कहा, "नरेगा के कुशल क्रियान्वन के लिए हर ज़िले में एक संस्था बनाने की योजना है ताकि इससे जुड़ी शिकायतों का निपटारा हो सके. हमें सार्वजनिक स्तर पर भी लोगों को जागरुक करना चाहिए."

प्रधानमंत्री का कहना था कि बड़ी योजनाओं पर नज़र रखने के लिए पीएमओ कार्यालय ने संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर एक अलग इकाई बनाई है जिसके तहत मंत्रालयों की वेबसाइट पर योजना से संबधित आँकड़े डाले जाएँगे.

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