'नक्सली अभियान का नतीजा नहीं निकला'

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह पहले भी नक्सली हिंसा को आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बता चुके हैं

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यों के पुलिस प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा है कि नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान का कोई नतीजा नहीं निकला है और विद्रोही हिंसा कई राज्यों में बढ़ी है.

उन्होंने दोहराया है कि नक्सली सबसे 'आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा' हैं.

उनका कहना था कि नक्सली समस्या को सिर्फ़ क़ानून व्यवस्था की समस्या मानकर चलने से काम नहीं चलेगा और उनसे निपटने के लिए अलग रणनीति अपनानी पड़ेगी.

मनमोहन सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि नियंत्रण रेखा के अलावा बांग्लादेश और नेपाल के अलावा समुद्री रास्ते से हो रहे घुसपैठ की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है.

नक्सली समस्या

दिल्ली में हो रहे पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के दो दिनों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी, "मैं स्पष्ट रुप से कहना चाहता हूँ कि हम इस समस्या से जिस तरह निपटना चाहते थे हमें वैसी सफलता नहीं मिली है."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार उन्होंने कहा, "यह चिंता की बात है कि हमारे प्रयासों के बावजूद प्रभावित राज्यों में हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी ही हुई है."

उन्होंने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा, "अपनी रक्तपात की प्रवृत्तियों के बावजूद नक्सली आंदोलन आदिवासियों और ग़रीबतम लोगों के एक वर्ग को अपने पक्ष में रखने में सफल रहा है."

उनका कहना था, "समाज के एक बड़े वर्ग, बुद्धिजीवियों और युवाओं पर उनका प्रभाव है और इससे समस्या की जटिलता और बढ़ती है."

हिंसा की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों में असम और मणिपुर की हिंसा का ज़िक्र किया.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को इसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि नक्सली दूसरे चरमपंथी और अलगाववादी गुटों से गठजोड़ कर रहे हैं.

घुसपैठ

मनमोहन सिंह ने कहा है कि नियंत्रण रेखा के अलावा बांग्लादेश, नेपाल और समुद्री रास्ते से घुसपैठ में बढ़ोत्तरी हो रही है.

उन्होंने कहा कि हाल के हफ़्तों और महीनों में मुठभेड़ की घटनाएँ आम हो गई हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पाकिस्तान के चरमपंथी गुटों की ओर संकेत देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के चरमपंथी गुट बाहरी तत्वों के साथ हाथ मिला रहे हैं और उन्होंने कई प्रदर्शन किए हैं.

उन्होंने कहा है कि इस तरह के गुटों का उद्देश्य राज्य में गड़बड़ियाँ फैलाना है.

ख़ुफ़िया विभाग ने इस सम्मेलन का आयोजन किया है और इसमें गृहमंत्री के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन हिस्सा ले रहे हैं.

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