गहलोत ने थरूर से इस्तीफ़ा मांगा

शशि थरूर
Image caption शशि थरूर के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है

भारत में आर्थिक मंदी से लड़ने के लिए सतारुढ़ कांग्रेस पार्टी ने अपने मंत्रियो और नेताओ को ज़रूर मितव्ययता बरतने की सलाह दी है. लेकिन इस पर उठे विवाद में कोई भी बोलने में किफ़ायत नहीं बरतना चाहता है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के उस बयान पर सख़्त ऐतराज़ किया है जिसमे थरूर ने हवाई जहाज़ के रियायती दर्जे को मवेशी श्रेणी बताया था.

गहलोत ने गुरुवार को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि थरूर ने ऐसी टिप्पणी कर बहुत ग़लत किया है.

मुख्यमंत्री ने अपनी ही पार्टी के इस केंद्रीय मंत्री से अपनी इस टिप्पणी के लिए देश की जनता से माफ़ी मांगने को कहा है.

गहलोत ने यहाँ तक कहा कि शशि थरूर को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. उन्होंने ने कहा थरूर को ख़ुद अपना पद छोड़ देना चाहिए.

टिप्पणी

विदेश राज्य मंत्री ने हाल ही में एक सोशल नेटवर्क की साइट पर कथित रूप से कहा था की किफ़ायत बरतने के काम में वे अपने बाक़ी मंत्रियो के साथ हवाई जहाज़ की इकोनोमी क्लास या उनके शब्दों में मवेशी श्रेणी में यात्रा करने को तैयार है.

Image caption गहलोत ने थरूर से माफ़ी मांगने को भी कहा

जब एक पत्रकार ने कहा कि थरूर ने हल्की मुद्रा में कोई टिप्पणी की होगी, क्योंकि सोशल नेटवर्क साइट की जुबान ऐसी ही होती है, इस पर अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें अपने पद की गरिमा का अहसास होना चाहिए था.

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने बुधवार को ही अपने सूबे में मंत्रियों और अधिकारियों को सूखे के चलते फ़िजूलख़र्ची रोकने का पाठ पढ़ाया था.

इसके तहत गहलोत ने मंत्रियों और अधिकारियों के विदेश दौरे पर रोक लगा दी और सरकारी भोज के लिए भी पूर्व अनुमति ज़रूरी कर दिया था.

इसके बाद शशि थरूर जब मितव्ययता पर हल्के-फुल्के अंदाज़ में टिप्पणी करते मिले तो गहलोत को बुरा लगा.

वैसे अशोक गहलोत गाँधीवादी मूल्यों की पैरवी करते रहे है और ख़ुद को जनता का ट्रस्टी बताते रहे है.

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